ताज़ा खबर
 

मुलायम सिंह यादव की मर्सिडीज की सर्विसिंग का खर्च 26 लाख! योगी सरकार बदलेगी कार

यूपी सरकार के संपत्ति विभाग के पास मर्सीडीज की दो ही एसयूवी है। इनमें से एक खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जबकि दूसरी गाड़ी का इस्तेमाल सपा संरक्षक कर रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: September 21, 2019 11:47 AM
यूपी सरकार ने हाल ही में सपा से लोहिया ट्रस्ट की बिल्डिंग खाली करवा ली थी। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को मिली सरकारी गाड़ी का खर्च यूपी सरकार नहीं उठा पा रही है। ऐसे में सरकार की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री व सपा संरक्षक की गाड़ी को बदलने की तैयारी में है। मुलायम सिंह यादव वर्तमान में मर्सीडीज की एसयूवी का प्रयोग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार मुलायम की इस सरकारी गाड़ी में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। इस खराबी को दुरुस्त कराने में सर्विस सेंटर की तरफ से 26 लाख रुपये का खर्च बताया गया है। ऐसे में सरकार के मुलायम सिंह यादव की गाड़ी बदलने पर ही विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह को टोयटा की प्राडो दी जा सकती है।

मालूम हो कि यूपी सरकार के संपत्ति विभाग के पास मर्सीडीज की दो ही एसयूवी है। इनमें से एक खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जबकि दूसरी गाड़ी का इस्तेमाल सपा संरक्षक कर रहे हैं। इससे पहले मर्सीडीज की मरम्मत की रकम को लेकर राज्य सरकार का संपत्ति विभाग और सुरक्षा शाखा एक दूसरे को पत्र लिख चुके हैं।

ऐसे में मुलायम सिंह से यह लग्जरी कार छिन सकती है। इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुलायम परिवार से लोहिया ट्रस्ट की बिल्डिंग को खाली करा लिया था। राज्य संपत्ति विभाग ने विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित इस बिल्डिंग को अपने कब्जे में ले लिया।

बता दें कि मुलायम सिंह यादव लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। वहीं, शिवपाल सिंह यादव इस ट्रस्ट के सचिव है। समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत कई अन्य नेता इस ट्रस्ट के सदस्य हैं। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव यूपी सरकार की तरफ से चार दशक पुराने सरकारी खजाने से पूर्व मुख्यमंत्रियों का इनकम टैक्स भरे जाने संबंधी नियम पर रोक लगाने से भी प्रभावित हैं।

यूपी सरकार ने राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री के अलावा 18 पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों का इनकम टैक्स सरकार खजाने से भरी जाने वाली प्रथा पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार सरकारी खजाने से मुख्यमंत्री का इनकम टैक्स भरे जाने संबंधी बिल तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यकाल में पारित हुआ था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 IRCTC INDIAN RAILWAYS: तेजस के किराए का खुलासा, जानें AC चेयर से लेकर एक्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए कितना होगा खर्च
2 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब चोट लगने और इन वजहों भी मिलेगी छुट्टी
3 5 वक्त की नमाज और कुरान पढ़ने के सहारे बीत रहा हिरासत में रखे गए पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला का वक्त