देश में ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो कम से कम 7 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। उनका तर्क है कि बची हुई राशि से देश के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

दरअसल, ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर विचार-विमर्श कर रही संयुक्त समिति गुजरात दौरे पर पहुंची है। वहां समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने कई अधिकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सभी विभागों से सुझाव देने की अपील की है और बाद में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।

इस बारे में मीडिया से बात करते हुए पी.पी. चौधरी ने कहा, “हमने व्यापक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। देश के दूसरे राज्य भी इसे आदर्श के रूप में देख सकते हैं।” पी.पी. चौधरी ने आगे कहा कि ‘एक देश एक चुनाव’ से सिर्फ 7 लाख करोड़ रुपये की बचत ही नहीं होगी, बल्कि देश की जीडीपी में भी 1.6% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।

एक साथ चुनाव की क्यों पड़ी जरूरत?

एक देश एक चुनाव को लेकर केंद्र सरकार की ओर से पिछले काफी समय से प्रयास किया जा रहा है। इसके पीछे एक वजह भी है। दरअसल किसी भी जिले में सामान्य तौर पर चार बार आचार संहिता लगती है। लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, नगर निगर और पंचायत चुनाव के समय आचार संहिता लगती है। जब आचार संहिता लगती है तो इसका सीधा असर विकास योजनाओं पर पड़ता है। देश में लगातार चुनाव की स्थिति रहने से सरकार को नीतिगत और प्रशासनिक फैसले लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जरूरी काम इससे प्रभावित रहते हैं।

अब क्या कहता है कानून?

केंद्र और राज्य सरकारों में चुनाव को लेकर संविधान में इनके कार्यकाल से लेकर अन्य बातों का वर्णन किया गया है। अगर सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ना है तो संसद में इसके लिए संविधान संशोधन बिल लाना होगा। इसकी मंजूरी के बाद दी इस दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब यह मामला सामने आया है। 1999, 2015 और 2018 में तीन बार लॉ कमीशन ने इस पर अपनी रिपोर्ट दी। वहीं, इससे पूर्व 2016 में संसदीय समिति भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे चुकी है। जब 2018 में यह मामला सामने आया था तो केंद्र ने विधि आयोग को पूरा मामला सौंप दिया था। विधि आयोग की ओर से इस पर पूरा रोडमैप तैयार किया गया है।

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