संभल में जहां पहुंचे योगी आदित्यनाथ, गंगा जल छिड़क ‘शुद्धीकरण’ करने लगे सपा कार्यकर्ता

संभल में सभास्थल से जब सीएम योगी वापस चले गए तो सपा कार्यकर्ताओं ने गंगाजल का झिड़काव कर मंदिर परिसर को कथित रूप से शुद्ध किया। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि, मुख्यमंत्री के पास इतना समय नहीं था कि वो मां कैला देवी के दर्शन करने जा सकें।

Yogi Adityanath, Akhilesh Yadav
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि राज्य का अगला सीएम कौन होगा। इस फेहरिस्त में कई नाम चर्चा में हैं। हालांकि चार नाम ऐसे हैं जो इस रेस में सबसे आगे हैं। इसमें बीजेपी (BJP) के योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath), समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav), बीएसपी (BSP) की मायावती (Mayawati) और कांग्रेस (Congress) के अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) के नाम शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभास्थल पर गंगाजल झिड़कने को लेकर समाजवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीएम योगी 21 सितंबर को जिले में 275 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने पहुंचे थे। उनका हेलीकॉप्टर मां कैलादेवी मंदिर के परिसर में उतरा था।

सभास्थल से सीएम योगी के जाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में गंगाजल का झिड़काव किया। कार्यकर्ताओं ने सीएम पर आरोप लगाया कि वो मां कैलादेवी के दर्शन करने नहीं गए थे। वहीं इस कथित शुद्धिकरण को लेकर युवजनसभा के प्रदेश सचिव भावेश यादव समेत 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुदकमा दर्ज कर लिया गया है। सभी पर बहजोई थाने में आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि संभल जिला यादव बाहुल्य है और स्थानीय लोग मां कैला को कुलदेवी मानते हैं।

700 साल पुराना मंदिर: करीब 750 साल पुराने इस मंदिर में यादव समाज की असीम आस्था है। मंगलवार को सीएम योगी इसी मंदिर के प्रांगण में उतरे और लोगों को संबोधित किया। सपा नेता भावेश यादव ने आरोप लगाया कि सीएम योगी ने मंदिर के अंदर जाकर दर्शन नहीं किया। भावेश ने कहा कि, वैसे तो योगी हिन्दुओं की बात करते हैं लेकिन असल में वो हिन्दू मुस्लिम को अलग करने की राजनीति कर रहे हैं।

अखिलेश यादव फायर ब्रिगड से कराएंगे गंगाजल का झिड़काव: शुद्धिकरण को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में जब योगी सूबे के सीएम बने थे तो उन्होंने लखनऊ में 5, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाया था। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा है कि 2022 में सत्ता वापसी के बाद वो भी सीएम आवास पर फायर ब्रिगेड से ‘गंगाजल’ का छिड़काव कराएंगे।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट