अखिलेश अपने दिमाग से नहीं चलते- बोले CM योगी; पूर्व CM का तंज- जो लैपटॉप चलाना नहीं जानते, वो कम से कम ट्वीट तो पढ़ रहे हैं

बकौल सीएम योगी, “उन्होंने कल एक ट्वीट किया और कहा कि यूपी में रिकॉर्ड दंगे हो गए, जबकि सच कुछ और था। एनसीआरबी ने जो डेटा जारी किया था, उसमें यूपी में सांप्रदायिक दंगा शून्य थे। पर उन्हें अपनी बुद्धि और विवेक से काम नहीं करना है। वह टि्वटर पर निर्भर रहने वाले लोग हैं। जब कोई प्रशिक्षण आएगा और बताएगा कि तुम्हें यही लाइन बोलनी है।”

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समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ। (फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेश (यूपी) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधा। कहा कि यूपी के पूर्व सीएम अपने दिमाग से नहीं चलते। वे दूसरों के कहने-बताने पर गलत ट्वीट कर देते हैं। हालांकि, इस पर अखिलेश ने पलटवार करते हुए तंज कसा और कहा कि जो लोग लैपटॉप चलाना नहीं जानते हैं, कम से कम वह ट्वीट तो पढ़ रहे हैं।

यह मामला हिंदी चैनल न्यूज 24 से जुड़ा है। 21 सितंबर, 2021 को “मंथन- उत्तर प्रदेश” कार्यक्रम में यूपी सीएम ऑनलाइन माध्यम से पत्रकार और चैनल की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद से चुनाव से लेकर कई अन्य मसलों पर बात की थी। योगी ने इस दौरान आरोप लगाया कि यूपी को बदनाम करने की उनकी प्रवृत्ति है। बकौल सीएम योगी, “उन्होंने कल एक ट्वीट किया और कहा कि यूपी में रिकॉर्ड दंगे हो गए, जबकि सच कुछ और था। एनसीआरबी ने जो डेटा जारी किया था, उसमें यूपी में सांप्रदायिक दंगा शून्य थे। पर उन्हें अपनी बुद्धि और विवेक से काम नहीं करना है। वह टि्वटर पर निर्भर रहने वाले लोग हैं। जब कोई प्रशिक्षण आएगा और बताएगा कि तुम्हें यही लाइन बोलनी है।”

उन्होंने आगे कहा, “आ गया होगा कोई सपाई बुद्धिमान, क्योंकि सपा और बुद्धि नदी के दो किनारे होते हैं। ऐसे में कोई आया होगा और बुद्धि किनारे रखकर इनको बता रहा होगा, उसी में उन्होंने (अखिलेश) ने उसे ट्वीट कर दिया होगा। मुझे तो हंसी आ रही थी। पूरे प्रदेश की जनता भी हंस रही थी। ऐसे में इन लोगों से कोई क्या कह सकता है।”

शाम को इसी प्रोग्राम में अखिलेश शरीक हुए। प्रसाद ने इंटरव्यू के दौरान पूछा, “योगी ने कहा कि आप अपने दिमाग से नहीं चलते।” इसी पर सपा नेता का जवाब आया, “जो लैपटॉप चलाना नहीं जानते, कम से कम वह ट्वीट तो पढ़ रहे हैं।”

इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि चाचा शिवपाल से विलय या गठबंधन हो रहा है? उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा- छोटे दलों को साथ लाने का काम हो रहा है। उनका भी दल है, जिसे साथ लाने का काम होगा। जो भी सम्मान पार्टी दे सकती है, हम देंगे। सवाल एक सीट का नहीं है। जो जीतने वाले होंगे और जिनकी जनता के बीच अच्छी छवि है, उनका सम्मान किया जाएगा। उन्हें इंतजार करने की जरूरत नहीं है। चुनाव करीब है, आपको जल्द बहुत सारे लोग साथ दिखेंगे।

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