BJP सांसद वरुण गांधी के गोद लिए गांव में “माहौल” जानने पहुंचा पत्रकार, महिला बोलीं- अफसर रुपए खा-खा पगलाए हैं, हमें तो सही खाना तक नसीब नहीं

बुजुर्ग महिला पत्रकार को अपना घर दिखाने पर अड़ गईं। गुजारिश करते हुए बोलीं कि वह बिना घर देखे न जाएं। हालांकि, ऐसा तब हुआ, जब उनके घर की ओर जाने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी भरा हुआ था।

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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले सुल्तानपुर के कुछ गांवों में केंद्र सरकार को लेकर स्थानीयों में नाराजगी है। ऐसे में ही ग्रामों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद वरुण गांधी का गोद लिया गांव बल्लीपुर भी शामिल है।

हाल ही में जब एक हिंदी चैनल की टीम इलेक्शन से पहले वहां लोगों का मिजाज जानने-समझने पहुंची तो महिलाओं ने वहां की समस्याओं से वाकिफ कराया। बताया कि उन्हें राशन के अलावा कुछ और नहीं मिलता। अफसर रुपए खा-खाकर पगलाए हुए हैं, जबकि हमें सही खाना तक नसीब नहीं हो पाता है।

‘न्यूज 24’ के राजीव रंजन ‘माहौल क्या है?’ शो के तहत वह उनसे बात कर रहे थे, तभी उमापति नामक महिला ठेठ अंदाज में बोलीं, “बहुत प्रधान हुए, बहुत मंत्री हुए पर किसी ने हमारे इलाके के लिए कुछ नहीं किया।” यह पूछे जाने पर कि मोदी-योगी और उनका काम ठीक नहीं है? जवाब आया- वे राशन देते हैं और क्या मिलता है हम लोगों को। गरीब आदमी मरता है। बड़े लोग, जिनके पास सरकारी नौकरी है, वे आराम से खाते और पहनते हैं। ढेर सारे रुपए पाते हैं। गरीब और दुखी लोग खाए बिना मरते हैं।

बकौल पीड़िता, “गरीब लोगों को कुछ नहीं मिलता है। हम लोगों को मौजूदा सरकार अच्छी नहीं लगती है।” महिला पत्रकार से यह भी आरोप लगाने लगी कि मीडिया अच्छी बातें नहीं दिखाता है, इसलिए वह उनका घर चलकर देखें और मोदी-योगी को चैनल के जरिए दिखाएं। वे हमारे बनाने और चुनने से ही बने हैं। आप देखिए कि हम लोग कहां रहते हैं और हम लोग जैसे नदी में उतरकर जाते हैं, वैसे ही आप भी देखिए।

बुजुर्ग महिला पत्रकार को अपना घर दिखाने पर अड़ गईं। गुजारिश करते हुए बोलीं कि वह बिना घर देखे न जाएं। हालांकि, ऐसा तब हुआ, जब उनके घर की ओर जाने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी भरा हुआ था। रंजन ने जब कहा कि उन्हें आगे भी रिपोर्टिंग करनी है और अगर वह गीले हो गए तो कपड़े खराब होने के बाद कैसे काम करेंगे? इस पर महिला ने सुझाव दिया कि वह पैंट को नीचे से मोड़ लें, पर घर देखने जरूर चलें।

वह दावा करने लगीं कि पूरा निषाद समाज परेशान और निराश है। रंजन इसके बाद महिला के साथ उनके घर की ओर रवाना हुए। महिला ने शिकायती अंदाज में बताया कि वरुण गांधी ने जो पानी की टंकी बनवाई थी, वह भी 24 घंटे बंद रहती है। गांव की सड़क पर गोमती पर पानी भरा था। इस बीच, महिला ने आरोप लगाया कि सारे अफसर इस गांव के रुपए खा-खाकर पगला चुके हैं।

महिला के मुताबिक, “आज तक रिकॉर्ड है…बहुत लोग प्रधान और सांसद रहे। वरुण ने गोद लिया पर किसी ने कुछ न किया। सब नाम के हैं।” आगे कुछ नल दिखाए जो सूखे पड़े थे। अपनी झोपड़ी दिखाई, जबकि बताया कि वे लोग खुले में खाना पकाने को मजबूर है। बारिश के समय यह सब भीग जाता है, जबकि पन्नी लपेट कर लेटे रहते हैं।

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