ताज़ा खबर
 

राजनाथ सिंह की सरकार में थाने में घुस किया था मंत्री का मर्डर, विकास दुबे पर हैं 60 FIR

इस मामले में पुलिस ने साल 2017 में विकास दुबे को गिरफ्तार किया था लेकिन कोई गवाह नहीं मिलने के कारण विकास दुबे इस मामले में बरी हो गया था।

vikas dubey, kanpur encounter, up police, kanpur newsविकास दुबे के खिलाफ पुलिस में 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। (इमेज सोर्स- ट्विटर)

कानपुर के जिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं, उस पर यूपी में राजनाथ सिंह की सरकार में थाने में घुसकर मंत्री की हत्या करने का आरोप है। विकास दुबे ने साल 2001 में राजनाथ सिंह की सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या कर दी थी। विकास दुबे के खिलाफ 60 क्रिमिनल केस दर्ज हैं।

बताया जाता है कि राजनाथ सरकार में श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमेन संतोष शुक्ला के साथ विकास दुबे की पुरानी रंजिश थी। एक दिन संतोष शुक्ला शिवली थाने में इंस्पेक्टर रूम में बैठे हुए थे। उसी दौरान विकास दुबे ने थाने में घुसकर संतोष शुक्ला को गोलियों से भून दिया था। इस मामले में पुलिस ने साल 2017 में विकास दुबे को गिरफ्तार किया था लेकिन कोई गवाह नहीं मिलने के कारण वह इस मामले में बरी हो गया था।

इसके अलावा साल 2000 में विकास दुबे पर कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या का भी आरोप है। विकास दुबे पर केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या का भी मामला चल रहा है। साल 2018 में विकास पर अपने ही चचेरे भाई अनुराग पर भी जानलेवा हमला कराने का आरोप है।

बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश में विकास दुबे की राजनीतिक दलों में भी काफी पकड़ है। विकास दुबे पर कई जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप है। इसी तरह गैर कानूनी तरीके से विकास दुबे ने काफी सारी संपत्ति बनायी है। विकास दुबे जेल में रहते हुए शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव भी जीत चुका है।

बता दें कि हत्या के एक मामले में यूपी पुलिस की एक टीम गुरुवार की रात विकास दुबे को गिरफ्तार करने चौबेपुर पुलिस स्टेशन के बिकारु गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि गांव के बाहर जेसीबी मशीन लगा दी गई, जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो जेसीबी मशीन लगी होने के कारण पुलिसकर्मी पैदल ही गांव में चले गए। विकास दुबे के घर के पास उसके गुर्गे घात लगाए बैठे थे और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में पुलिसकर्मियों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और इस दौरान डिप्टी एसपी, तीन सब इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए।

इस एनकाउंटर में दो बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारे गए और चार पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर बतायी जा रही है। वहीं दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस की एसटीएफ और आरएएफ की टीमें इलाके में तैनात कर दी गई हैं। पुलिस ने कानपुर जिले की सीमा को सील कर दिया है और दुबे को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की कई टीमें इस काम में लगी हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X