ताज़ा खबर
 

योगी सरकार के मंत्री को महंगी घड़ी देने के लिए अड़ गया था कारोबारी? जवाब भी मिला मजेदार

सिद्धार्थनाथ सिंह को कड़क छवि का ईमानदार नेता माना जाता है। लेकिन यूपी का स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्हें राज्य सरकार की मशीनरी और वहां के कारोबारियों से भी दो-चार होना पड़ा है। सिद्धार्थनाथ सिंह भारत के पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते हैं।

यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह। Express photo by Partha Paul

केन्द्रीय राजनीति छोड़कर यूपी के स्वास्थ्य मंत्री बन चुके सिद्धार्थनाथ सिंह का एक किस्सा आजकल भाजपा मुख्यालय के गलियारों में खूब चर्चित हो रहा है। सिद्धार्थनाथ सिंह को कड़क छवि का ईमानदार नेता माना जाता है। लेकिन यूपी का स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्हें राज्य सरकार की मशीनरी और और वहां के कारोबारियों से भी दो-चार होना पड़ा है। ऐसा ही एक वाकया वह भी है जिसमें स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को यूपी सरकार के साथ काम करने वाले कारोबारी ने राडो की कीमती घड़ी गिफ्ट करने की कोशिश की थी।

भाजपा मुख्यालय में इन दिनों यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का एक किस्सा खासा सुना जा रहा है। किस्सा यूं है कि यूपी के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्‍हें सरकार के साथ काम करने वाले एक जिद्दी कारोबारी से जूझना पड़ा था। कारोबारी उनके पास राडो की घड़ी का जोड़ा लेकर आया था। उनके कई बार मना करने के बावजूद कारोबारी उन पर तोहफा स्वीकार करने के लिए दबाव बनाता रहा। अंत में सिद्धार्थनाथ सिंह ने उसे अपनी घड़ी दिखाई और पूछा कि क्या आप मुझे सस्ती घड़ी पहनाना चाहते हैं? इस जवाब से कारोबारी लाजवाब हो गया।

सिद्धार्थ नाथ सिंह वर्तमान में उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हैं। वे भारत के पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते हैं। वह आंध्र प्रदेश के बीजेपी राज्य प्रभारी तथा पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी हैं। सिद्धार्थ नाथ सिंह दो बार बसपा विधायक पूजा पाल को हराकर इलाहाबाद जिले के इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य बने हैं।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों में देश भर में अपनी जीत का डंका बजा देने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के चार साल पूरे हो चुके हैं। साल 2019 में चुनाव की तैयारियां जोरों से शुरू हो चुकी हैं। भाजपा सरकार ने इन चार सालों में देश के बड़े भूभाग पर अपनी सरकारें स्थापित की हैं। इन जीतों से बीजेपी को संबल मिला है। जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को इस दौर में लगातार हार का स्वाद चखना पड़ा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App