प्रयागराजः असदुद्दीन ओवैसी के मंच से अतीक अहमद की पत्नी ने पढ़ी चिट्ठी, लगाया अखिलेश यादव पर उत्पीड़न का आरोप

चिट्ठी में अतीक ने लिखा है कि मैं और मेरा भाई जेल में हैं.. मेरे बेटे पर इनाम रखा गया है। मुझे मजबूरन यह खत अपनी पत्नी को पढ़ने को कहना पड़ा। मेरे वालिद जिंदा होते तो शायद इसकी इजाजत कभी ना देते। अतीक अहमद ने अपने खत में साफ लिखा कि मुझे अखिलेश यादव ने न सिर्फ जेल भेजा बल्कि सरकारी वकील के जरिए मेरी पैरवी को भी कमजोर किया, मेरी जमानत नहीं होने दी।

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AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी चुनावी मैदान में उतारने को तैयार हैं। (express file)

अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां इसकी तैयारी में जुट गई हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी चुनावी मैदान में उतारने को तैयार हैं और यूपी में रैलियां कर रहे हैं। शनिवार को प्रयागराज पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने अतीक अहमद का समर्थन किया। ओवैसी ने कहा कि अतीक अहमद सिर्फ एक ही नहीं है, बल्कि यूपी में हजारों अतीक अहमद हैं जोकि जेलों में सड़ रहे हैं।

इस रैली में पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने ओवैसी के मंच से एल चिट्ठी पढ़ी। चिट्ठी में अतीक ने लिखा है कि मैं और मेरा भाई जेल में हैं.. मेरे बेटे पर इनाम रखा गया है। मुझे मजबूरन यह खत अपनी पत्नी को पढ़ने को कहना पड़ा। मेरे वालिद जिंदा होते तो शायद इसकी इजाजत कभी ना देते। अतीक अहमद ने अपने खत में साफ लिखा कि मुझे अखिलेश यादव ने न सिर्फ जेल भेजा बल्कि सरकारी वकील के जरिए मेरी पैरवी को भी कमजोर किया, मेरी जमानत नहीं होने दी।

अतीक ने चिट्ठी में आगे लिखा, “सपा को इलाहाबाद कौशांबी में कितने लोग जानते हैं? मुझे आप लोग विधायक मानते थे, मैंने मुलायम सिंह यादव जी का सपोर्ट किया। जब भी मुलायम सिंह यादव ने रैली की मैंने बस में भरकर लोगों को उनके समर्थन में लखनऊ भेजा। अपने भाई को भाई कहने में आज अखिलेश यादव को शर्म आती है। उन्हें अपने भाई का झंडा उठाने में शर्म आती है।”

अतीक अहमद के इस खत को पढ़ने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा मैं अतीक अहमद और उनके परिवार को सलाम करता हूं जो एक जालिम हुकूमत के साथ लड़ रहा है। ओवैसी ने अवैध धर्मांतरण में फंडिंग करने में गिरफ्तार मौलाना कलीम के मुद्दे पर बीजेपी से ज्यादा सपा बसपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी के लोग उनसे कलीम सिद्दीकी पर बयान देने के लिए फोन करते हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की एटीस ने प्रख्यात इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी को कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का एक बड़ा सिंडिकेट चलाने के लिए हाल ही में मेरठ से गिरफ्तार किया है।

यहां मजीदिया इस्लामिया कालेज में शनिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि सपा, कांग्रेस के लोग मौलाना कलीम सिद्दीकी पर बयान देने के लिए उन्हें फोन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे पूछा आपके नेता राहुल गांधी, सपा के नेता अखिलेश यादव इस मामले पर क्यों नहीं बोलते। इस पर कांग्रेस, सपा के लोगों ने बोला कि यदि उनके नेता इस पर बोलेंगे तो दूसरा वोट (हिंदुओं का) उन्हें नहीं मिलेगा।”

ओवैसी ने कहा, “उत्तर प्रदेश की सरकार ने धर्म परिवर्तन का जो कानून बनाया है, वह कानून कितना गलत है। अगर कोई व्यक्ति किसी का कत्ल करता है तो पुलिस को आरोप साबित करना पड़ता है। जबकि मजहब तब्दीली कानून में मजहब बदलने वाले व्यक्ति को बताना पड़ता है कि उसने बिना खौफ के अपना मजहब बदला है।”

उन्होंने कहा, “मैंने इस कानून की आलोचना की। यह असंवैधानिक है, उच्चतम न्यायालय के पुट्टूस्वामी के मामले में दिए गए निर्णय के खिलाफ है। मैं अब सपा, बसपा से पूछना चाहता हूं कि क्या वे मौलाना कलीम सिद्दीकी के बारे में बोलेंगे या नहीं बोलेंगे।” ओवैसी ने कहा, “मेरे बयान के बाद अब दूसरी पार्टियां मीडिया को बुलाकर बयान देंगी कि हम मौलाना के साथ है।”

योगी सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए मुस्लिम बाहुबली नेताओं को लेकर उन्होंने कहा, “अतीक जेल में हैं, मुख्तार जेल में हैं और उत्तर प्रदेश की जेलों में 27 प्रतिशत मुसलमान बंद हैं। क्या अब भी नहीं उठोगे (एआईएमआईएम के पक्ष में मतदान करने)। आज यह वक्त उठने का है। बेखौफ होकर अपने वोट का इस्तेमाल करो।”

सत्तारूढ़ दल भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “मौजूदा योगी सरकार में ऐसे 100 विधायक हैं जिन पर मुकदमे चल रहे हैं। भाजपा के ऐसे कई सांसद हैं जिन पर मुकदमे चल रहे हैं। आजादी के 75वें साल में उत्तर प्रदेश की जमीन पर फसाद हुआ। मुजफ्फरनगर में हुई फसाद में आरोपी भाजपा के नेताओं पर से मुकदमे योगी सरकार ने वापस ले लिये।”

शाइस्ता परवीन की ओर मुखातिब होकर उन्होंने कहा, “अतीक अहमद कानून की नजर में आज भी चुनाव लड़ सकते हैं। हमें उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।”

उन्होंने कहा, “जिस तरह से यादवों ने मिलकर अखिलेश को अपना नेता माना, जिस तरह से दलितों खासतौर पर जाटवों ने मायावती को अपना नेता माना, जिस तरह से ठाकुर योगी आदित्यनाथ को अपना नेता मानते हैं, उसी तरह से आपको को भी अपना नेता चुनना पड़ेगा क्योंकि बगैर नेता के आपको आपका हक नहीं मिलेगा।”

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