उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से करीब 6 महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने बड़े संगठनात्मक फेरबदल किए हैं। इसमें सबसे अहम बदलाव जो हुआ है वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद है। यूपी कांग्रेस की जिम्मेदारी आराधना मिश्रा (मोना तिवारी) को दी गई है जो तीन बार की विधायक हैं और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद आराधना मिश्रा ने अपने लक्ष्य के बारे में बताया है। मोना तिवारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य सबसे पहले गठबंधन धर्म को निभाना है जिसमें समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग का मसला सबसे प्रमुख है।
सीट शेयरिंग का मसला सुलझाना सबसे चुनौतीपूर्ण काम
आराधना मिश्रा यूपी कांग्रेस के चर्चित चेहरों में से एक हैं और उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे की कई वजह हैं जिसमें से एक वजह यह भी है कि उनके अखिलेश यादव के साथ अच्छे रिश्ते हैं। ऐसे में उनकी सबसे पहली जिम्मेदारी सपा के साथ सीट शेयरिंग का मसला सुलझाने की रहेगी जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से बहुत खींचतान देखने को मिली है। कांग्रेस पार्टी यूपी में ज्यादा सीटें चाहती है, लेकिन सपा ऐसा करने को तैयार नहीं है। ऐसे में सपा के साथ गठबंधन धर्म निभाना उनका सबसे मुश्किल काम रहेगा।
‘2027 में यूपी के अंदर बीजेपी का विजय रथ रोकेंगे’
सपा को लेकर आराधना मिश्रा ने कहा है कि समाजवादी पार्टी INDIA ब्लॉक में हमारी पार्टनर है। अखिलेश यादव ने जिस तरह से अपनी पार्टी को मजबूत किया है, वह बहुत अच्छा है। गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि 2027 में यही गठबंधन यूपी में बीजेपी के विजय रथ को रोकेगा। उन्होंने कहा, ” 2024 में BJP, जो पूरे देश में ‘400 पार’ का नारा दे रही थी, उसे उत्तर प्रदेश की इसी धरती पर रोक दिया गया। INDIA ब्लॉक ने उसे रोक दिया। इसलिए मैं कहूंगी कि यह अलायंस मज़बूत और असरदार है। और हम इसके नतीजे 2027 में देखेंगे।”
‘कांग्रेस ने कभी जाति-धर्म की राजनीति नहीं की’
आराधना मिश्रा ने अपनी पार्टी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने कभी जाति, धर्म और कम्युनिटी की राजनीति नहीं की है और न ही भविष्य में कभी ऐसा करेगी। वह इस देश को मजबूत बनाना चाहती है और संविधान की रक्षा करना चाहती है और यही वजह है कि कांग्रेस को हमेशा सभी का सपोर्ट मिला है और मुझे पूरा भरोसा है कि इस मजबूत टीम के साथ हम 2027 में एक मजबूत ऑप्शन बनेंगे।”
कांग्रेस का नया संगठनात्मक बदलाव
कांग्रेस पार्टी ने जो हालिया संगठनात्मक बदलाव किए हैं उसमें तीन बार की MLA आराधना मिश्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करना, राज्यसभा MP इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट, चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी का लीडर और देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। यूपी कांग्रेस की इस नई टीम में एक ब्राह्मण यूपी यूनिट का प्रेसिडेंट है, एक मुस्लिम वर्किंग प्रेसिडेंट है और राजेंद्र पाल गौतम जो एक दलित हैं राज्य के AICC इंचार्ज हैं।
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उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार शाम को एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया। इसमें विधायक आराधना मिश्रा मोना को राज्य इकाई का प्रमुख और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यहां पढ़ें पूरी खबर…
