प्रियंका गांधी की लखनऊ पदयात्रा में नहीं पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, पीछे चल रहे थे ये दो नेता

प्रियंका ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ करीब तीन किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा की। उप्र विधानसभा द्वारा बुलाए गए 36 घंटे के विशेष सत्र का कांग्रेस समेत संपूर्ण विपक्ष ने बहिष्कार किया है।

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तस्वीर में प्रियंका गांधी के दाईं तरफ जितिन प्रसाद और बाईं तरफ प्रमोद तिवारी। (ट्विटर फोटो)

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कांग्रेस द्वारा आयोजित ”शांति यात्रा” में शामिल होने लखनऊ पहुंची पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बुधवार को निशाना साधा और कहा कि पहले उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलना चाहिए बाद में उनके बारे में बात करना चाहिए। कांग्रेस महासचिव बुधवार को राजधानी के शहीद स्मारक पहुंची। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। हालांकि इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर वहां नजर नहीं आए। यहां बता दें कि कांग्रेस नेता पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं मगर नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश के चलते वो अभी भी प्रदेश पार्टी अध्यक्ष है। पिछले दिनों अफवाह उड़ी वो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस महासचिव की पदयात्रा के दौरान जो दो बड़े चेहरे नजर आए उनमें एक थे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद शर्मा और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी। पदयात्रा के दौरान दोनों नेता प्रियंका गांधी के पीछे चलते हुए नजर आए। प्रियंका ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ करीब तीन किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा की। उप्र विधानसभा द्वारा बुलाए गए 36 घंटे के विशेष सत्र का कांग्रेस समेत संपूर्ण विपक्ष ने बहिष्कार किया है।

हालांकि रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाए गए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने बुधवार से शुरू हुए 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र में हिस्सा लिया और अपनी बात भी रखी। विपक्षी पार्टियों समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस, एसबीएसजे ने इस सत्र का विरोध किया है और उनका दावा है कि राज्य सरकार सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा कर रही है।

जब अदिति से विपक्षी पार्टी के बहिष्कार के बाद भी सदन में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अगर आपने मेरा भाषण सुना होगा तो मैंने सिर्फ विकास और सतत विकास लक्ष्य के बारे में चर्चा की। मैं अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए राजनीति करती हूं। मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं।’ उन्होंने कहा कि वह सदन में आईं और चर्चा में हिस्सा लिया क्योंकि उन्हें ऐसा करना सही लगा।

जब उनसे पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की…यह मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है।’ सिंह से जब पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी का निर्णय होगा और पार्टी जो भी निर्णय लेगी मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।’ (भाषा इनपुट)

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