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राज बब्बर ने की अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ, कहा- देश के संस्कारों से जुड़ा विचार जिंदा रखा

राज बब्बर ने कहा अगर हिन्दुत्व, मुसलमान या बिरादरी की ताकत विकास ला सकते हैं तो उत्तर प्रदेश क्या पूरे देश का विकास नहीं हो सकता।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। (फाइल फोटो)

आम तौर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते ही नजर आते हैं। और जब परस्पर विरोधी माने जाने वाले कई नेता एक ही मंच पर हो तो परस्पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ लग जाने पर शायद ही किसी को हैरत होती हो। लेकिन कई बार ऐसे मौके पर आते हैं जब राजनेता अपनी निहित दलगत हितों से ऊपर उठते हुए विरोधी नेताओं की खुलकर तारीफ करते हैं। ऐसा ही मौका शुक्रवार (16 सितंबर) को एक टीवी परिचर्चा के दौरान देखने को मिला। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनावों पर आयोजित इस चर्चा में यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की खुले दिल से तारीफ की।

इंडिया टीवी के “चुनावमंच” कार्यक्रम में जब एक श्रोता ने राज बब्बर से राजनीति में विचारधारा के गौण और जाति के प्रमुख होते जाने से जुड़ा सवाल पूछा तो उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। राज बब्बर ने कहा, “जाति, बिरादरी, धर्म, मजहब इनसे हम अलग नहीं हो सकते, इनका सम्मान करना चाहिए। लेकिन जब विकास की बात करते हैं और उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेश की बात करते हैं या देश की बात करते हैं तो पार्टियों में कोई व्यक्ति कहीं बैठा हो…एक जमाने में एक हमारी विचारधारा से नहीं थे लेकिन देश के पूरे संस्कारों से जुड़ा हुआ एक विचार अटल बिहारी वाजपेयी ने उसको हमेशा जिंदा रखा…वो धीरे धीरे समाप्त होता जा रहा है। उस समय भी जाति-बिरादियों का सम्मान था लेकिन खुल कर ढोल नहीं पीटा जाता था। आज तो जाति-बिरादरियों के समीकरण, और जाति की ताकत या बिरादरी की ताकत, कोई हिन्दू या मुसलमान की ताकत सरकारें बना रही हैं। अगर हिन्दुत्व, मुसलमान या बिरादरी की ताकत विकास ला सकते हैं तो उत्तर प्रदेश क्या पूरे देश का विकास नहीं हो सकता।” राज बब्बर ने कार्यक्रम में कहा कि ये दुखद है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति सभी संभावनाओं पर हावी हो गई है।

कार्यक्रम में राज बब्बर के अलावा यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल भी शामिल थे। राहुल गांधी के दलित के घर खाना खाने से जुड़े एक सवाल पर राज बब्बर ने कहा कि ज्यादातर नेता दलितों के संग बैठकर खाना नहीं पसंद करते। वहीं समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल ने पार्टी में जारी सियासी घमासान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सारी समस्या की जड़ “बाहरियों का दखल” से हुई है। उनका इशारा अमर सिंह की तरफ था।

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