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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा- गोशालाओं के लिए सीएसआर फंड का करो जुगाड़

योगी सरकार ने अपने आदेश में गायों के गोबर और मूत्र से बायोगैस तथा सीएनजी प्लांट लगाने के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित करने का सुझाव दिया है। ताकी, गोशालाओं को आत्म-निर्भर बनाया जा सके।

योगी आदित्यनाथ (एक्सप्रेस फाइल फोटो/ विशाल श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश में आवारा गायों ने योगी सरकार की काफी फजीहत करा रखी है। एक ओर जहां इनकी वजह से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो वहीं इनके लिए गोशाला का काम भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। ऊपर से लोकसभा चुनाव भी नजदीक आ रहा है। राज्य सरकार के सामने आवारा पशुओं के रख-रखाव की समस्या बड़े स्तर पर खड़ी है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी) फंड से अब उम्मीद लगाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को उनके जिले में स्थित कंपनियों के मार्फत सीएसआर फंड जुटाने के लिए कहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 जनवरी को जारी किए एक नोटिस में नई पॉलिसी के तहत धन जुटाने और तात्कालिक रूप से गोशाला तैयार करने के लिए निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने कहा है, “स्थानीय प्रशासन अस्थायी गोशाला के निर्माण और उसके रख-रखाव के लिए अपने स्तर पर प्रयास करे। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं या फिर सीएसआर के तहत आने वाली कंपनियों से मदद ली जा सकती है।”

योगी सरकार ने अपने आदेश में गायों के गोबर और मूत्र से बायोगैस तथा सीएनजी प्लांट लगाने के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित करने का सुझाव दिया है। ताकी, गोशालाओं को आत्म-निर्भर बनाया जा सके। इसमें आगे कहा गया है कि स्थानीय तौर पर गोशालाओं के निर्माण में सांसद और एमएलए निधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही मनरेगा को भी इसके साथ जोड़ा जा सकता है। गौरतलब है कि 2 जनवरी को योगी आदित्यनाथ ने सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें 10 जनवरी तक आवारा घूम रहीं गायों के रख-रखाव की व्यवस्था करने का टारगेट दिया था। पूर्व निर्धारित प्लान के मुताबिक राज्य सरकार ने 2 महीने के भीतर 104 गोशालाओं को बनाने का निर्देश दे रखा है। तब तक के लिए अस्थायी गोशाला सबी शहरों और गायों में बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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