हिंदुओं की हत्या पर कभी भगवाधारी योगी ने दिया था उकसाने वाले बयान, सफाई में कहा था- शास्त्र के साथ शस्त्र का मिला है प्रशिक्षण, हाथ में माला के साथ भाला भी है

जब विवादित बयान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर हमारे एक हाथ में माला है तो हम दूसरे हाथ में भाला लेकर भी चलते हैं जिससे समाज को शिष्ट भी किया जा सके और दुष्टों को उसके कृत्य के लिए सजा भी दी जा सके।

yogi adityanath, UP, BJPयोगी आदित्यनाथ के विवादित बयान और उनपर हुए विवाद की फेहरिस्त काफी लंबी है। (एक्सप्रेस फोटो / विशाल श्रीवास्तव)

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ की छवि फायरब्रांड हिंदूवादी नेता के रूप में रही है। योगी आदित्यनाथ अपने भड़काऊ बयानों की वजह से भी काफी चर्चा में रहे हैं। गोरखपुर के सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ ने एकबार हिन्दुओं की हत्या पर काफी उकसाने वाला बयान दिया था। जिसके बाद एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने अपने विवादित बयान की सफाई में कहा था कि मैं एक संन्यासी हूं, हमें शास्त्र के साथ शस्त्र का भी प्रशिक्षण मिलता है। मेरे एक हाथ में माला है तो एक हाथ में भाला भी है।

इंडिया टीवी आयोजित आप की अदालत कार्यक्रम में शो के एंकर रजत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके एक पुराने वीडियो की क्लिप दिखाई। यह वीडियो क्लिप तब का है जब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे। वीडियो क्लिप में योगी आदित्यनाथ कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ”अगर एक हिंदू का खून बहेगा तो एक हिंदू के खून के बदले, आने वाले समय में हम प्रशासन से एफआईआर दर्ज नहीं करवाएंगे बल्कि कम से कम 10 ऐसे लोगों की हत्‍या उससे करवाएंगे जो उस हिंदू की हत्‍या में शामिल होंगे।” 

जब योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर शो के एंकर रजत शर्मा ने उनसे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या साधू संत का वेश धारण कर इस तरह से नफ़रत की बात करना ठीक है। तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि अगर आपके सामने कोई दानव है और वह आपको मारता है तो तुरंत उसको अपने हाथ से जवाब दे दीजिये। मैं एक संन्यासी हूं, अगर हमें शास्त्र का प्रशिक्षण दिया जाता है तो उसके साथ शस्त्र का भी प्रशिक्षण दिया गया है। अगर हमारे एक हाथ में माला है तो हम दूसरे हाथ में भाला लेकर भी चलते हैं जिससे समाज को शिष्ट भी किया जा सके और दुष्टों को उसके कृत्य के लिए सजा भी दी जा सके। एक संन्यासी का ऐसा ही कर्तव्य है।

आगे रजत शर्मा ने योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछते हुए कहा कि आप उस सर्वोच्च व्यवस्था का हिस्सा हैं जो कानून बनाती है लेकिन आप ही लोगों से कह रहे हैं कि हम एफआईआर दर्ज नहीं करवाएंगे। कोई एक मारेगा तो हम दस मारेंगे। क्या आप गब्बर सिंह हैं। इसपर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है, जब पुलिस के सामने एक हिंदू बालिका को बचाने के लिए एक व्यापारी की हत्या कर दी जाती है, तो उस स्थिति में हमारे पास लोगों को संगठित करने के अलावा चारा क्या है। जब कहीं जंगल राज हो जाता है तो उसका जवाब जैसे को तैसा देने की तैयारी होनी ही चाहिए।

हालांकि योगी आदित्यनाथ के विवादित बयानों की फेहरिस्त काफी लंबी है। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर का सांसद रहते हुए हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया था। इस संगठन के बारे में कहा जाता था कि यह योगी आदित्यनाथ की निजी सेना है। पूर्वांचल के इलाकों में खासकर गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, मऊ के इलाके में हिंदू युवा वाहिनी मुसलमानों के ऊपर हमले और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए मामले दर्ज किए गए थे। कहा तो यह भी जाता है कि कि हिंदू युवा वाहिनी के इन्हीं कामों की वजह से योगी आदित्यनाथ को पूर्वांचल के इलाकों में प्रसिद्धि मिलने लगी थी और लोकसभा चुनावों में उनके जीत का अंतर भी बढ़ने लगा था।

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