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दिल्ली में 80 मिनट तक PM मोदी से CM योगी की बात, फिर नड्डा से साधा संवाद; जितिन पा सकते हैं ‘प्रसाद’

योगी दो दिन के दिल्ली दौरे पर हैं, जहां पीएम से मिलने के बाद वह दोपहर को BJP चीफ जे पी नड्डा से भी मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले, गुरुवार (10 जून, 2021) को वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।

Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली/लखनऊ | Updated: June 11, 2021 2:53 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा से मिल सकते हैं। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। सवा घंटे से अधिक समय (करीब 80 मिनट) की मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री आवास से बाहर निकले मुख्यमंत्री योगी ने पत्रकारों से कोई संवाद नहीं किया।

पीएम से सीएम के बीच हुई यह बैठक सुबह लगभग 10 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई थी। माना जा रहा है कि पीएम और सीएम के बीच इस दौरान यूपी चुनाव और कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा हुई। सीएम ने इस भेंट के दौरान का एक फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया, “पीएम से दिल्ली में शिष्टाचार भेंट और मार्गदर्शन प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से भेंट के लिए समय प्रदान करने और आत्मीय मार्गदर्शन करने के लिए उनका हृदयतल से आभार।” मोदी से मिलने के बाद योगी सीधे BJP चीफ जे पी नड्डा से मिलने उनके आवास की ओर निकल गए।

दरअसल, योगी दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं।  राजनीतिक जानकार, सीएम इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी भेंट कर सकते हैं। चुनावी एक्सपर्ट और पत्रकार इस बैठक को बेहद अहम मान रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि यूपी में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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जितिन बनाए जा सकते हैं MLC: सूत्रों के हवाले से खबर है कि योगी कैबिनेट में जितिन प्रसाद शामिल हो सकते हैं। उन्हें एमएलसी बनाया जा सकता है। वह दो दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। वह यूपी में बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं।

नहीं जाएंगे BJP के साथ- राजभरः बीजेपी की पूर्व सहयोगी रही सुहेलदेव पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर बोले हैं कि बीजेपी डूबती नैया है, जिस पर वह सवारी नहीं करेंगे।राजभर ने शुक्रवार को हिंदी चैनल ABP न्यूज से कहा, “भाजपा ने धोखा दिया है। वह पिछड़ों से किया वादा (नौकरी और सुशासन आदि) पूरा न कर पाई। ये लोग झूठ बोलने में माहिर लोग हैं। हमें उन पर यकीन नहीं है, इसलिए दोबारा भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।” मोदी-योगी की मुलाकात पर उन्होंने कहा कि यूपी से लेकर दिल्ली तक ड्रामा चल रहा है

PK से मिलेंगे पवार, विपक्षी मोर्चाबंदी पर हो सकती है बातः चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और NCP अध्यक्ष शरद पवार की मुलाकात भी होनी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दोपहर का खाना भी साथ खाएंगे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच इस दौरान मोदी विरोधी नेताओं को एक मंच पर लाने के प्लान पर बात हो सकती है। इसी बीच, NCP के नवाब मलिक ने कहा है कि मोदी और योगी के बीच मनमुटाव है।

शाह से कल हुआ था डेढ़ घंटे मंथनः इससे पहले, गुरुवार (10 जून, 2021) को सीएम योगी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, तकरीबन डेढ़ तक तक चली मुलाकात में आदित्यनाथ ने राज्य में कोविड-19 की दूसरी लहर सहित अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की। जब शाह और योगी की बात हो रही थी, उसी वक्त अपना दल की अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी शाह के आवास पहुंची थीं। यूपी के ही निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय कुमार निषाद और संत कबीरनगर से सांसद प्रवीण निषाद ने भी शाह से मुलाकात की।

शाह की पटेल और निषाद पार्टी के नेताओं से मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों को साधने के भाजपा के प्रयास के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पटेल प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में केंद्र सरकार में मंत्री थी लेकिन दूसरी बार जब वह प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने अपना दल की नेता को अपने मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी। इन मुलाकातों के बीच पूर्व आईएएस अधिकारी शर्मा ने भी निषाद पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।

संगठन महामंत्री लेने पहुंचे थे “फीडबैक”: अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी। दोनों नेताओं ने इस दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके बाद आदित्यनाथ के अचानक दिल्ली पहुंचने और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करने के बाद एक बार फिर राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई है।

नड्डा और प्रधानमंत्री के बीच मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई लेकिन प्रसाद ने मुख्यमंत्री से हुई अपनी मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया। हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और विधान परिषद के सदस्य ए के शर्मा भी दिल्ली में हैं। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पार्टी के कुछ केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। शर्मा को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी समझा जाता है। प्रसाद राज्य के जाने-माने ब्राह्मण परिवार से हैं तो शर्मा भूमिहार बिरादरी से संबंध रखते हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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