उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं लेकिन 2022 के नतीजों का एक दिलचस्प पहलू आज भी उतना ही अहम है। आज हरम आपको बता रहे हैं यूपी की वे सीटें जहां जीत और हार के बीच महज कुछ सौ वोटों का अंतर था।
403 सदस्यीय यूपी विधानसभा में कई सीटों पर मुकाबला इतना कांटे का रहा कि कुछ सौ वोट इधर-उधर होते तो विधायक बदल सकते थे। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 15 सीटों पर जीत का अंतर 1000 वोट से भी कम था।
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सबसे कम हार-जीत के अंतर वाली सीटें
| रैंक | विधानसभा सीट | विजेता | पार्टी | उपविजेता | पार्टी | जीत का अंतर (वोट) |
| 1 | धामपुर | अशोक कुमार राणा | BJP | नईम उल हसन | SP | 203 |
| 2 | कुर्सी | सकेंद्र प्रताप वर्मा | BJP | राकेश कुमार वर्मा | SP | 217 |
| 3 | चांदपुर | स्वामी ओमवेश | SP | कमलेश सैनी | BJP | 234 |
| 4 | नहटौर | ओम कुमार | BJP | मुंशीराम | RLD | 258 |
| 5 | रामनगर | फरीद महफूज किदवई | SP | शरद कुमार अवस्थी | BJP | 261 |
| 6 | इसौली | मोहम्मद ताहिर खान | SP | ओम प्रकाश पांडेय | BJP | 269 |
| 7 | बिलासपुर | बलदेव सिंह औलख | BJP | अमरजीत सिंह | SP | 307 |
| 8 | बड़ौत | कृष्ण पाल मलिक | BJP | जयवीर | RLD | 315 |
| 9 | नकुड़ | मुकेश चौधरी | BJP | धर्म सिंह सैनी | SP | 315 |
| 10 | कटरा | वीर विक्रम सिंह | BJP | राजेश यादव | SP | 357 |
स्रोत: ADR – Analysis of Vote Share & Margin of Victory (UP Assembly Elections 2022), भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI)
क्या कहते हैं आंकड़े?
सबसे करीबी मुकाबला धामपुर में हुआ जहां बीजेपी के अशोक कुमार राणा सिर्फ 203 वोट से जीते।
टॉप-10 में से 6 सीटों पर बीजेपी और 3 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की जबकि 1 सीट पर RLD दूसरे स्थान पर बेहद कम अंतर से हार गई।
ADR के विश्लेषण के मुताबिक, 15 सीटों पर जीत का अंतर 1000 वोट से कम और 49 सीटों पर 5,000 वोट से कम रहा। यानी करीब हर आठवीं सीट पर मुकाबला बेहद करीबी था।
सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीते प्रत्याशी
| रैंक | विधानसभा सीट | विजेता | पार्टी | जीत का अंतर (वोट) |
| 1 | साहिबाबाद | सुनील कुमार शर्मा | बीजेपी | 2,14,835 |
| 2 | नोएडा | पंकज सिंह | बीजेपी | 1,81,513 |
| 3 | दादरी | तेजपाल सिंह नागर | बीजेपी | 1,38,218 |
| 4 | मथुरा | श्रीकांत शर्मा | बीजेपी | 1,09,803 |
| 5 | गोरखपुर शहर | योगी आदित्यनाथ | बीजेपी | 1,03,390 |
2027 में क्यों अहम होंगी ये सीटें?
आपको बता दें कि जिन सीटों पर जीत का अंतर कुछ सौ वोटों का होता है वहां उम्मीदवार का चयन, स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण, बूथ प्रबंधन और मतदान प्रतिशत परिणाम बदलने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी प्रमुख दलों की नजर इन ‘स्विंग सीटों’ पर रहने की संभावना है।
2022 के नतीजों ने यह साबित किया कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में कुछ सौ वोट भी सरकार की तस्वीर बदलने की क्षमता रखते हैं। अगर इन सीटों पर वोटों का मामूली रुख बदलता तो विधानसभा का राजनीतिक समीकरण भी अलग हो सकता था। यही वजह है कि 2027 की चुनावी रणनीति में ये सीटें एक बार फिर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली हैं।
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