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मंदिरों के प्रसाद वितरण पर रहेगी रोक, रेस्टोरेंट को होम डिलीवरी से पहले स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी अनिवार्य; स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की SOP

परिसर में मौजूद दुकानों, स्टॉल या कैफेटेरिया पर भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों में लगने वाली लाइनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने धार्मिक व पूजा स्थल, कार्यस्थल के साथ ही रेस्तरां खोलने व कोरोना संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने धार्मिक व पूजा स्थल, कार्यस्थल के साथ ही रेस्तरां खोलने व कोरोना संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की। मानक प्रक्रिया के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, कोमोरबिडिटी वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गई है।

वहीं, धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइज डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया है। धार्मिक स्थल व पूजा स्थल के परिसर में सिर्फ बिना कोरोना के लक्षण वाले लोगों की ही प्रवेश की अनुमति होगी। सभी लोगों को मास्क या फेस कवर करना अनिवार्य होगा।  इसके साथ ही कोरोना से बचाव के उपायों संबंधी पोस्टर प्रमुखता से लगाने होंगे। इतना ही नहीं ऑडियो और वीडियो संदेशों के जरिये भी नियमित रूप से लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देनी होगी।

लोगों को अपने जूते या चप्पल अपनी गाड़ियों में ही रखना होगा। जरूरत पड़ने पर इसके लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। इसके अतिरिक्त धार्मिक स्थलों या परिसरों को भीड़ प्रबंधन के साथ ही पार्किंग की पर्याप्त रूप से व्यवस्था करनी होगी। परिसर में मौजूद दुकानों, स्टॉल या कैफेटेरिया पर भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

धार्मिक स्थलों में लगने वाली लाइनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इसके अलावा प्रवेश और निकास अलग-अलग द्वार से सुनिश्चित करना होगा। धार्मिक या पूजा स्थल पर मूर्तियों, प्रतिमाओं या धार्मिक किताबों को छूने की अनुमति नहीं होगी। संक्रमण की आशंका के मद्देनजर पूजा या इबादत के दौरान बैठने के लिए लोगों को अपना मैट या अन्य बिछाने का सामान लाना होगा जिसे वह फिर अपने साथ लेकर जाएंगे। प्रसाद या पवित्र जल व अन्य सामान के वितरण पर रोक रहेगी।

रेस्टोरेंट को अपने यहां खिलाने की बजाय खाने भेजने पर जोर देना होगा। फूड डिलीवरी करने वाला स्टाफ पैकेट को ग्राहक के दरवाजे  के बाहर छोड़ेगा। वह फूड के पैकेट को ग्राहक के हाथों में नहीं देगा। इतना ही रेस्टोरेंट को अपने यहां होम डिलीवरी करने वाले स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग करना अनिवार्य होगा। रेस्टोरेंट के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग करनी जरूरी होगी।

सिर्फ बिना लक्षण वाले ग्राहकों के प्रवेश के साथ ही स्टाफ को ही काम करने की अनुमति होगी। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने हुए सिर्फ 50 फीसदी सीटिंग की ही अनुमति होगी।  सभी के लिए मास्क या फेस कवर अनिवार्य होगा। रेस्टोंरेट में कोविड-19 से बचाव के उपाय वाले पोस्टर प्रमुखता से लगाने होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी होगी। बफे सर्विस में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

कार्यस्थल के लिए जारी गाइलाइन्स में गर्भवती महिलाएं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों और ऐसे लोग जिन्हें गंभीर बीमारी है उन्हें काम पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। कहा गया है कि कंपनी प्रबंधन ऐसे लोगों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे सकता है। दफ्तरों में केवल मास्क पहने या फेस कवर किए गए लोगों को ही प्रवेश दिया जाए। इसके अलावा केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर आने की अनुमति होगी जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं होंगे।

कंटेनमेंट जोन में रहने  वाले स्टाफ को इस बात की जानकारी अपने ऑफिस में देनी होगी। वह तब तक ऑफिस नहीं आ सकता है जब तक उसका इलाका डिनोटिफाई नहीं कर दिया जाता है। ड्राइवरों को भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। ऑफिस प्रबंधन को यह सुनिश्चत करना होगा कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाला ड्राइवर स्टाफ को लाने-लेजाने वाली गाड़ियां ना चलाए।

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