ताज़ा खबर
 

अरबपत‍ि कारोबारी को प‍िकन‍िक के ल‍िए पास, पर आम आदमी को डायल‍िस‍िस के ल‍िए भी लेने में छूट रहे पसीने

कांबले का मामला पुलिस की उस सहजता के ठीक खिलाफ है जिसके तहत वधावन भाई - कपिल और धीरज वधावन- मुंबई पुलिस से मदद और पास पाकर सपरिवार खंडाला से महाबलेश्वर पिकनिक मनाने पहुंच गए।

Author Edited By प्रमोद प्रवीण मुंबई | Updated: April 12, 2020 9:05 AM
लॉकडाउन के दौरान वीरान पड़ी मुंबई की एक सड़क। (एक्सप्रेस फोटो)

मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर के पास पिछले दो दिनों से प्रोफेसर लक्ष्मण कांबले एक अदद आवश्यक सेवा पास पाने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वो अपने बीमार पिता को इलाज के लिए कोल्हापुर शिफ्ट करा सकें। उनके पिता किडनी के मरीज हैं और उनका डायलिसिस होना है। फिलहाल उन्हें टॉयलेट जाने में भी परेशानी हो रही है। परिवार के लोग उन्हें पकड़कर घर से 200 मीटर दूर स्थित टॉयलेट ले जाते हैं। यह परिवार घाटकोपर (पूर्व) के एक चॉल में रहता है। कांबले बताते हैं, “उनके पिता को घर के दो लोग पकड़कर टयलेट ले जाते हैं और लाते हैं।”

बतौर कांबले, वे लोग कोल्हापुर के निवासी हैं और यहां पिता के इलाज के लिए आए थे। वो बताते हैं कि उनके घर में अटैच बाथरूम है, जो उनके पिता के स्वास्थ्य के लिए उचित है। इसलिए वो घाटकोपर से कोल्हापुर जाना चाहते हैं।

मुंबई पुलिस के हेडक्वार्टर के पांचवें तल्ले पर बने पुलिस कमिश्नर के नए दफ्तर के बाहर शनिवार को अपनी बारी का इंतजार कर रहे कांबले ने बताया, “कल (10 अप्रैल), मैंने एक ड्राइवर सहित छह लोगों के लिए आवश्यक सेवा पास की अनुमति मांगी थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। आज (11 अप्रैल), मैं चार लोगों के लिए एक आवेदन पत्र लेकर आया हूं।”

कांबले का मामला पुलिस की उस सहजता के ठीक खिलाफ है जिसके तहत वधावन भाई – कपिल और धीरज वधावन- मुंबई पुलिस से मदद और पास पाकर सपरिवार खंडाला से महाबलेश्वर पिकनिक मनाने पहुंच गए। हैरत की बात यह है कि येस बैंक घोटाले में नाम आने के बाद से यो दोनों भाई भागते रहे थे लेकिन लॉकडाउन में अपने रुतबे के प्रभाव का इस्तेमाल कर पास पाने में कामयाब रहे।

देशभर में कोरोना वायरस से जुड़ी लाइव जानकारी के लिए यहां क्लिक करे

वधावन भाइयों को परमिशन पास IPS अफसर अमिताभ गुप्ता ने दिलवाया था। अफसर ने उन्हें पारिवारिक मित्र बताया था। अफसर ने उन्हें पांच कार के पूरे दस्ते के साथ 23 लोगों को जाने की इजाजत दी थी। इसमें वधावन परिवार और उनका घरेलू नौकर भी शामिल था। सरकार ने मामले में विवाद होने के बाद कार्रवाई करते हुए अब अमिताभ गुप्ता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। राज्य के गृह सचिव का भी तबादला कर दिया गया है लेकिन सवाल वहीं का वहीं है कि अरबपति के लिए कानून कोई मायने नहीं रखता जबकि एक आम आदमी एक अदद जरूरी पास के लिए ठोकरें खाने को मजबूर है।
Coronavirus से जुड़ी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: कोरोना वायरस से बचना है तो इन 5 फूड्स से तुरंत कर लें तौबा | जानिये- किसे मास्क लगाने की जरूरत नहीं और किसे लगाना ही चाहिए |इन तरीकों से संक्रमण से बचाएं | क्या गर्मी बढ़ते ही खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस?

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 कोरोना मरीजों की रूट मैपिंग, जियो टैगिंग कर हो रही स्क्रीनिंग, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर केरल लड़ रहा महामारी से जंग
2 Coronavirus Lockdown: बच्चा बीमार, उसे ऊंटनी का ही दूध देना है’, महिला ने पीएम से लगाई गुहार तो IPS अफसर बने देवदूत, स्पेशल परमिशन ले ट्रेन से मुंबई पहुंचवाया 20 लीटर दूध
3 लोकनायक अस्पताल के सहायक नर्सिंग अधीक्षक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, दो अन्य में भी दिखे लक्षण