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यौन उत्पीड़न की घटनाओं से चिंतित हुई सरकार, बच्चे पढ़ेंगे यौन शिक्षा का पाठ

अनिल स्वरूप ने बीते रविवार (17 जून, 2018) को भुवनेश्वर में सुरक्षा और बचाव के मुद्दों पर स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों से बातचीत की।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

स्कूल ऐजुकेशन एंड लिटरेसी मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डवलपमेंट्स के सचिव अनिल स्वरूप ने सभी स्कूलों से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक मसौदे पर साथ आने के लिए कहा है। भुवनेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव ने कहा है कि एक्शन प्लान बहुत जरूरी है। कई बार हम सोचते हैं कि एक अधिनियम पारित करने से मुद्दों का समाधान हो जाएगा लेकिन अधिनियम का पालन करना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने आगे कहा, ‘इसकी जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं है। इस योजना को कामयाब बनाने के लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा। हमें पता होना चाहिए कि तब क्या किया जाना चाहिए जब कई बड़ी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।’ दरअसल अनिल स्वरूप ने बीते रविवार (17 जून, 2018) को भुवनेश्वर में सुरक्षा और बचाव के मुद्दों पर स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों से बातचीत की।

उन्होंने भावुकतापूर्ण बच्चों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा उनकी शारीरिक सुरक्षा के समान ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक छात्र ने परीक्षा में कम अंक आने की वजह से आत्महत्या कर ली। यह बहुत परेशान करनी वाली बात है। यह एक परिवार को तोड़ देता है। हमें बच्चों को सिखाना होगा कि परीक्षा में फेल होने से उनकी जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। ऐसे में छात्रों को भावनात्मक रूप से ताकत प्रदान करें। सभी स्कूलों को लागातार छात्रों के परिजनों से उनके भावनात्मक स्तर को लेकर बातचीत करनी चाहिए। ताकि उनकी अच्छी मनोवैज्ञानिक ताकत बनी रही।

उन्होंने स्कूली छात्रों की बढ़ती यौन उत्पीड़न की घटना पर भी चिंता व्यक्त की। इसके समझान के लिए उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र में एनसीआरटी छात्रों को जागरुक करने के लिए किताबों में यौन उत्पीड़न से जुड़े पाठ को शामिल करेगा। हालांकि यह बहुत जरूरी है कि हम छात्रों को इसके बारे में कैसे पढ़ाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श में फर्क पता होना चाहिए। अगर इस मामले में उनके साथ कुछ बुरा होता है तो वह किसे इसकी जानकारी दें।

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