Union Minister Uma Bharti involved in Film Padmavati row, says- freedom of expression could not established sister as wife and wife as sister - पद्मावती विवाद में कूदीं उमा भारती- 'बहन को पत्नी' और 'पत्नी को बहन' बोलना जानवरों के लिए ठीक - Jansatta
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पद्मावती विवाद में कूदीं उमा भारती- ‘बहन को पत्नी’ और ‘पत्नी को बहन’ बोलना जानवरों के लिए ठीक

केंद्रीय जल और स्वच्छता मंत्री ने मनचलों पर भी तल्ख टिप्पणी की है, "मनचाहा रेसपॉन्स नही मिलने पर कुछ लड़के, लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे खिलजी के वंशज लगते हैं।"

केंद्रीय मंत्री उमा भारती। (File Photo)

जल्द रिलीज होने जा रही फिल्म ‘पद्मावती’ पर गहराए विवाद में केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने खुला खत लिखकर कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी के तहत आप तथ्यों को तोड़-मरोड़ नहीं सकते हैं। उन्होंने लिखा है, “मैं सोचने की आजादी का सम्मान करती हूं तथा मानती हूं कि अभिव्यक्त करने का भी मानव समाज को एक अधिकार है। किंतु, अभिव्यक्ति में कहीं तो एक सीमा होती है। आप बहन को पत्नी और पत्नी को बहन अभिव्यक्त नहीं कर सकते।” भारती ने आगे लिखा है, “इसकी संभावना तो जानवरों में हो सकती है लेकिन स्वतंत्र चेतना के विश्व के किसी भी देश के किसी भी समाज के लोग इस मर्यादा के उल्लंघन की निंदा करेंगे।”

उमा भारती ने लिखा है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबके लिए है, यह सीमित वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हो सकती। रानी पद्मावती पर मेरी अभिव्यक्ति, मेरी स्वतंत्रता है।” उन्होंने तल्ख अंदाज में बयां किया है कि तथ्य को बदला नही जा सकता, उसे अच्छा या बुरा कहा जा सकता है। भारती ने लिखा, “आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं तो उसके फैक्ट को वॉयलेट नहीं कर सकते। रानी पद्मावती की गाथा एक ऐतिहासिक तथ्य है। खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर पद्मावती पर थी, उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया था।”

केंद्रीय मंत्री ने लिखा है, “रानी पद्मावती के पति राणा रतन सिंह अपने साथियों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे। स्वयं रानी पद्मावती ने हजारों उन स्त्रियों के साथ, जिनके पति वीरगति को प्राप्त हो गए थे, जीवित ही स्वयं को आग के हवाले कर जौहर कर लिया था। हमने इतिहास में यही पढ़ा है तथा आज भी खिलजी से नफरत तथा पद्मावती के लिए सम्मान है, उनके दुखद अंत के लिए बहुत वेदना होती है।”

केंद्रीय जल और स्वच्छता मंत्री ने मनचलों पर भी तल्ख टिप्पणी की है, “मनचाहा रेसपॉस नही मिलने पर कुछ लड़के, लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे खिलजी के वंशज लगते हैं।” मंत्री ने लिखा है, “मैंने तो फिल्म देखी नहीं है, किंतु लोगों के मन में आशंकाओं का जन्म क्यों हो रहा है? इन आशंकाओं का लुत्फ मत उठाइए, न कोइ वोट बैंक बनाइए। कोई रास्ता यदि हो सकता है, जरूरी नहीं है कि जो मैंने सुझाया है वही हो, वो रास्ता निकालकर बात समाप्त कर दीजिए।”

इसके साथ ही उमा भारती ने ट्वीट किया है, “मैं अपने बात पर अडिग हूं, भारतीय नारी के सम्मान से खिलवाड़ नही। भूत, वर्तमान और भविष्य – कभी भी नही। कुछ बातें राजनीति से परे होती है, हर चीज़ को वोट के चश्मे से नहीं देख सकती। मैं तो आज की भारतीय महिला हूं। जिस स्थिति में होंगी, भूत, वर्तमान और भविष्य के स्त्रियों के सम्मान की चिंता ज़रूर करूंगी।”

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