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महाराजाओं ने घुटने टेके: शशि थरूर के बयान पर स्मृति ईरानी का तंज, दिग्गी-ज्योतिरादित्य बताएं सच्चाई

देश की पूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सवाल उठाया है कि क्या अंग्रेजों के सामने सभी राजाओं ने घुटने टेक दिये थे।
केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (फोटो सोर्स पीटीआई)

पद्मावती विवाद पर केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर पर तंज कसा है। स्मृति ईरानी ने शशि थरूर को घेरने के लिए कांग्रेस नेताओं का ही सहारा लिया है। शशि थरूर ने कहा था कि फिल्म पद्मावती का विरोध कर रहे इन तथाकथित महाराजाओं ने ब्रिटिश राज के सामने घुटने टेक दिये थे। शशि थरूर ने कहा था कि ये राजा उस वक्त भाग खड़े हुए ब्रिटिश हुकूमत ने उनके मान सम्मान को रौंद दिया था। देश की पूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सवाल उठाया है कि क्या अंग्रेजों के सामने सभी राजाओं ने घुटने टेक दिये थे। स्मृति ईरानी ने पूछा है कि थरूर की इस टिप्पणी पर राजपरिवार से आने वाले कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह क्या कहेंगे। स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, ‘क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे??? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह?’

हालांकि शशि थरूर के इस बयान पर चौतरफा हमला हुआ। उनकी अपनी ही पार्टी में कई लोगों ने उनके इस राय से आपत्ति जताई। इसके बाद थरूर अपने बयान से पलट गये और कहा कि समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। थरूर ने ट्वीट किया, ‘कुछ भाजपाई अंधभक्तों द्वारा साज़िशन झूठा प्रचार किया जा रहा है कि मैंने राजपूत समाज के सम्मान के ख़िलाफ़ टिप्पणी की है। मैंने राष्ट्र हित में अंग्रेज़ हुकूमत के कार्यकाल का विरोध करते हुए उन राजाओं की चर्चा की थी जो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेज़ के साथ थे। मैं यह भी निर्भीक होकर कहूँगा की भारत की विविधता व समरस्ता के मद्देनजर राजपूत समाज की भावनाओं का आदर किया जाना सबका कर्तव्य है। राजपूतों की बहादुरी हमारे इतिहास का हिस्सा है व इस पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता। भाजपा व उसके सेन्सर बोर्ड को इन भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।’

बता दें कि फिल्म पद्मावती को लेकर देश में जबर्दस्त विरोध हो रहा है। राजस्थान की राजपूत करणी सेना समेत कई संगठन इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि इस फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर दिखाया जा रहा है। फिल्म का विरोध करने वालों का कहना है कि इस फिल्म में राजपूत समुदाय का गलत चित्रण किया जा रहा है। इस फिल्म से उनकी भावनाएं आहत हुई है। फिल्म पद्मावती फिलहाल 1 दिसंबर को रिलीज होनी है, लेकिन देश भर में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इसका रिलीज टल सकता है।

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