ताज़ा खबर
 

जानिए, प्राइवेट नौकरी में आरक्षण मांग रहे रामविलास पासवान के परिवार में कौन करते हैं क्‍या काम

रामविलास पासवान के नाम सबसे ज्यादा वोटों से लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। वो छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं। 1990 के दशक में पीवी नरसिम्हा राव को छोड़कर सभी प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में पासवान मंत्री रहे हैं।
पत्नी रीना पासवान, बेटे चिराग पासवान के साथ रामविलास पासवान। (Express photo)

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान को राजनीतिक मौसम वैज्ञानिक कहा जाता है। 72 साल के पासवान फिलहाल बिहार के हाजीपुर संसदीय सीट से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से शुरू किया था और 1969 में इसी पार्टी से पहली बार बिहार विधान सभा के सदस्य चुने गए थे। लंबे राजनीतिक करियर में पासवान साल 2014 में अपने परिवार को लेकर विवादों में तब घिरे, जब उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपनी पत्नी का नाम रीना पासवान लिखा। उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम छुपा लिया। राजनीतिक विरोधियों ने तब उनपर हमला बोला था। बता दें कि रामविलास पासवान की दो पत्नियां हैं।

रामविलास पासवान की पहली शादी साल 1960 में बेगूसराय के बखरी में राजकुमारी से हुई थी। पहली पत्नी राजकुमारी देवी अभी भी पासवान के पैतृक गांव खगड़िया जिले के सहरबन्नी में उनके पुश्तैनी मकान में रहती हैं। इनसे पासवान की दो बेटियां हैं। उषा और आशा। पासवान ने इन दोनों बेटियों की शादी कर दी है। पासवान के दोनों दामाद का नाम धनंजय कुमार और अनिल कुमार है। ये दोनों भी राजनीति में सक्रिय हैं। साल 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में पासवान ने दोनों दामादों को बी टिकट दिया था लेकिन कोई जीत नहीं सका।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रामविलास पासवान का परिवार। (एक्सप्रेस फोटो)करीब 21 साल तक राजकुमारी देवी के साथ पारिवारिक रिश्ते में रहने के बाद रामविलास पासवान ने उन्हें 1981 में तलाक दे दिया और 1982 में पंजाबी मूल की एयर होस्टेज रीना शर्मा से शादी कर ली। रीना शर्मा रामविलास पासवान से उम्र में 25 साल छोटी हैं। रीना पासवान से भी दो संतानें हैं। एक बेटा चिराग पासवान जो बिहार के जमुई से सांसद हैं और दूसरी संतान के तौर पर बेटी निशा है। इन दोनों में बेटी निशा बड़ी है। राजनीति में परिवारवाद का आरोप झेलने वाले रामविलास पासवान ने अपने भाइयों को भी राजनीति में उतारा है। एक भाई समस्तीपुर से लोकसभा सांसद हैं तो दूसरे भाई पशुपति कुमार पारस बिहार सरकार में मंत्री हैं।

रामविलास पासवान के नाम सबसे ज्यादा वोटों से लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। वो छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं। 1990 के दशक में पीवी नरसिम्हा राव को छोड़कर सभी प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में पासवान मंत्री रहे हैं। सबसे पहले 1989 में वीपी सिंह की सरकार में मंत्री बने थे। 5 जुलाई 1946 को जन्मे रामविलास पासवान संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के बाद लोक दल, जनता पार्टी और जनता दल में भी रहे। बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी बना ली। रामविलास पासवान लंबे समय से प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण की मांग करते रहे हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने एक अन्य केंद्रीय मंत्री के साथ उच्च न्यायपालिका में भी आरक्षण की मांग कर मोदी सरकार को मुश्किल में डाल दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App