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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा- सरकारी नौकरियों में हो 75 फीसदी आरक्षण

एसटी-एससी एक्ट पर पहले दलितों और बाद में सवर्णों की नाराजगी झेल रही सरकार में मंत्री राज्य मंत्री अठावले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया था, इसलिए बिल लाना पड़ा।

अठावले ने कहा, रिजर्वेशन बढ़ाएं लेकिन ओबीसी, एसटी-एसटी के हक में कटौती करके नहीं। (फोटो सोर्स : Indian Express)

मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने आरक्षण की सीमा को 50 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की सलाह दी है। अठावले ने कहा, रिजर्वेशन बढ़ाएं लेकिन ओबीसी, एसटी-एसटी को मिलने वाले आरक्षण में कटौती करके नहीं। साथ ही कहा कि आरक्षण उन लोगों को मिलना चाहिए, जिनकी सालाना आमदनी आठ लाख रुपए से ज्यादा नहीं है।

प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट भवन सभागार में शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 75 फीसदी किया जाना चाहिए। यह आरक्षण सामान्य वर्ग के लिए छोड़े गए 50 फीसदी सीटों में से ही मिलना चाहिए।

एसटी-एससी एक्ट पर पहले दलितों और बाद में सवर्णों की नाराजगी झेल रही सरकार में राज्य मंत्री अठावले ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति पर अत्याचार रोकने के लिए बने एसटी-एससी एक्ट में किसी तरह का संशोधन नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव किया था, इसलिए बिल लाना पड़ा।

बिल पर उन्होंने कहा, यह एक्ट पर अत्याचार रोकने के लिए बनाया गया है, न कि सवर्णों की परेशानी बढ़ाने के लिए। निर्दोष को इस एक्ट के तहत नहीं फंसाया जाना चाहिए। इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। एसटी-एससी एक्ट में बदलाव की मांग करने वालों से कहा कि हमारी सरकार दलित विरोधी नहीं, यह सबका साथ सबका विकास की बात करने वाली सरकार है।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मामले में सहयोग देने की अपील की है। उनका मानना है कि गरीब सवर्णों को 25 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित हो जाए तो सभी का भला हो जाएगा। मंत्री ने कहा, सवर्ण सोचते हैं कि दलितों को आरक्षण मिलता है, मगर उन्हें नहीं दिया जाता। सरकार अगर आरक्षण के दायरे को 75 प्रतिशत तक बढ़ाये तो मुझे लगता है कि सभी को आरक्षण का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सवर्णों को कानून में परिवर्तन की मांग करने के बजाय दलितों के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिये।

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