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‘मोदी स्टाइल’ में राहुल पर तंज- विरासत की नहीं खाता, मंत्री बनने से पहले था सीए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि गोयल की कंपनी द्वारा किया गया वित्तीय लेन देन ‘‘लाभ पहुंचाने की दागदार कथा, शुचिता का घोर उल्लंघन तथा हितों का टकराव’’ है।

अपने पूर्ववर्ती सुरेश प्रभु के साथ रेलमंत्री पीयूष गोयल। (Photo: PTI)

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम मोदी के ही स्टाइल में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है और कहा है कि वो बिना मेहनत किए विरासत में अर्जित संपत्ति की नहीं खाते हैं बल्कि काम करके कमाते-खाते हैं। सोशल मीडिया पर पीयूष गोयल ने ट्वीट किया है, “26 मई, 2014 तक यानी केंद्र सरकार में मंत्री बनने से पहले मैं एक प्रोफेशनल चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट और बैंकर था। राहुल गांधी आपकी तरह मैंने बिना काम के ही जीवन बसर करने की कला नहीं सीखी है। मैं भी एक कामदार (काम करने वाला) हूं न कि नामदार (विरासत वाला)।” आज ही कर्नाटक की एक चुनावी सभा में पीएम मोदी ने भी राहुल गांधी के लिए कामदार और नामदार का जिक्र किया था।

अपने दूसरे ट्वीट में गोयल ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधते हुए लिखा है, “मैं कानून में टॉपर रह चुका हूं। चार्टर्ड अकाउंटेन्सी में भी ऑल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान था। इसलिए मैं कंसल्टेंसी देने में सक्षम हूं। वैसे चिदंबरम जी आपके बेटे कार्ति चिदंबरम की कन्सल्टेन्सी फर्म में कौन कन्सल्टेन्ट है?” बता दें कि पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेताओं के उन आरोपों के बाद यह पलटवार किया है, जिसमें कहा गया था कि गोयल ने पांच लाख की कंपनी अपने कॉरपोरेट दोस्त को 48 करोड़ रुपये में बेचकर अनुचित तरीके से उगाही की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह कॉरपोरेट स्टाइल का करप्शन है जिसमें हितों का टकराव हुआ है और बिना उचित वजह के करीब 1000 गुणा फायदा कमाया गया है।

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पिछले दिनों कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि गोयल की कंपनी द्वारा किया गया वित्तीय लेन देन ‘‘लाभ पहुंचाने की दागदार कथा, शुचिता का घोर उल्लंघन तथा हितों का टकराव’’ है। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि यह मोदी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों में से एक मंत्री की यह ‘‘लाभ पहुंचाने की दागदार कथा, शुचिता का घोर उल्लंघन तथा हितों का टकराव’’ है। उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘प्रधानमंत्री नारा लगाते हैं कि ‘न खाऊंगा और न ही खाने दूंगा’ क्या प्रधानंमत्री इस बात का जवाब देंगे कि क्यों उनके पसंदीदा कैबिनेट मंत्री तथा कर्नाटक प्रभारी के तौर पर पीयूष गोयल और उनकी पत्नी ने मिल कर संदेहास्पद वित्तीय लेन देन किया। क्या वह भारत की जनता को इसका जवाब देंगे।’’

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