अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार को विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल लगातार स्पष्ट कर रहे हैं कि किसानों और घरेलू उद्योग के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। रविवार को पीयूष गोयल ने एक बार फिर कहा कि यह समझौता हमारे किसानों की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान पहले से ही 50-55 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कृषि और मछली उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं।
ट्रेड डील से भारतीय व्यापारियों को कैसे होगा फायदा?
पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में लाभ मिलेगा क्योंकि उन पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जबकि प्रतिस्पर्धी देशों जैसे चीन पर 35 प्रतिशत तक शुल्क लगता है और अन्य देशों पर 19 प्रतिशत से अधिक शुल्क लागू है। उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत- यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेजों के साथ वह मंत्रिमंडल में गए थे। उन्होंने कहा, ”अभी कई मुद्दे हैं जिन्हें शामिल किया जाना बाकी है। यह दोनों पक्षों के लिए लागू होता है। मुझे यकीन है कि अगर हम उनके बाजार में बहुत अधिक उत्पाद भेजेंगे, तो अमेरिका भी अपने हितों की रक्षा करना चाहेगा। यह किसी भी बातचीत का सामान्य परिणाम है।”
पीयूष गोयल ने कहा कि सुरक्षा उपाय हमेशा मौजूद रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही कुछ विशिष्ट उत्पादों को लेकर संवेदनशील हैं और उन उत्पादों के लिए दोनों पक्षों ने सुरक्षा उपाय रखे हैं। उन्होंने कहा, ”हमने इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है।” साथ ही पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि भारत ने डेयरी उत्पादों, मांस, मुर्गी पालन, सोया मील और मक्का पर किसी भी प्रकार की शुल्क छूट नहीं दी है। उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ दालें और फलियां हैं, जिन्हें भारत आयात करता है, और उनके लिए हमने सीमित रूप में बाजार पहुंच प्रदान की है।
पीयूष गोयल ने कहा, ”यह लेन-देन का मामला होना चाहिए। इसलिए, अगर मैं कुछ नहीं दूंगा, तो मैं अमेरिका में अपने किसानों के लिए बाजार कैसे खोलूंगा?’ भारत ने अपने क्षेत्रों को बहुत ही सुनियोजित तरीके से खोला है।” सूखे मेवों के बारे में उन्होंने कहा कि भारत लगभग साढ़े तीन अरब डॉलर के सूखे मेवे आयात कर रहा है, और उसमें से एक अरब डॉलर पहले ही अमेरिका से आ रहा है। उन्होंने कहा, ”अगर यह अमेरिका से आता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को लाभ होता है। वैसे भी सभी हितधारकों में सबसे बड़ा हितधारक ग्राहक है, यानी 1.4 अरब भारतीय। यदि उन्हें कुछ सस्ता मिलता है तो इसमें क्या हर्ज है?” पढ़ें भारत पर लगाया गया 25% अमेरिकी टैरिफ ट्रंप सरकार ने हटाया
