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‘कभी खुशी कभी गम होता है’, अर्थव्यवस्था के बिगड़े हालात पर नितिन गडकरी की राय

गडकरी का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए शनिवार को बाजार प्रोत्साहन के उपायों की तीसरी किस्त की घोषणा की।

red-tapism, red tapism, Nitin Gadkari, MSME, bribe, Union Minister, transport minister, ASMI sector, road transport minister, modi cabinet, corruptionकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। (Express photo)

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती के दौर के बीच शनिवार को कहा कि उद्योगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि मुश्किल समय गुजर जायेगा। गडकरी ने विदर्भ उद्योग संघ के 65वें स्थापना दिवस पर कहा, ‘‘मुझे पता है कि उद्योग काफी कठिन दौर से गुजर रहे है। हम वृद्धि दर बढ़ाना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि हाल ही में वह ऑटोमोबाइल निर्माताओं से मिले थे और वे कुछ चिंतित थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा, कभी खुशी होती है, कभी गम होता है। कभी आप सफल होते हैं और कभी आप असफल होते हैं। यही जीवन चक्र है।’’बता दें कि गडकरी सड़क परिवहन मंत्रालय के अलावा छोटे, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का काम भी देखते हैं। नागपुर में उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में गडकरी ने ये बातें रखीं।

गडकरी ने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी की वजह से डिमांड और सप्लाई और कारोबार को ऐसी मुश्किलें आती ही हैं। पूरी दुनिया को इस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए निराश होने की जरूरत नहीं है। यह वक्त गुजर जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले वक्त में भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

गडकरी का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए शनिवार को बाजार प्रोत्साहन के उपायों की तीसरी किस्त की घोषणा की। इसमें रीयल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को कुल मिला कर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय मदद देने की योजनाएं शामिल हैं।

वित्त मंत्री की घोषणाओं में अधूरी आवास परियोजनाओं को पूरा करने के लिये वित्तपोषण मुहैया कराने हेतु एक कोष की स्थापना जैसी योजनाओं के लिए 30 हजार करोड़ रुपये के खर्च भी योजनाएं भी शामिल हैं। सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार कम होकर छह साल के निचले स्तर पर आ गयी है।वित्तमंत्री की इस घोषणा का देश के उद्योग संगठनों, रीयल एस्टेट कंपनियों और निर्यातकों ने स्वागत किया है।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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