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कोरोना टीका, मुफ़्त राशन, रोजगार सृजन आदि… धर्मेंद्र प्रधान ने बताए पेट्रोल महंगा होने के कारण

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर विपक्ष साध रहा सरकार पर निशाना, धर्मेंद्र प्रधान बोले- राहुल गांधी गरीबों पर ईधन कीमतों की मार से चिंतित, तो कांग्रेस शासित राज्यों में ईधन पर करों की कटौती करवाएं।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: June 17, 2021 8:28 AM
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेल की बढ़ती कीमतों के सवाल पर गिनाईं सरकार की आम लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाएं। (एक्सप्रेस फोटो)

देश में पेट्रोल-डीजल के दाम मौजूदा समय में आसमान छू रहे हैं। जहां इस उछाल के चलते रोजाना सफर करने वाले लोगों की कमर टूट गई है, वहीं तेल के दाम बढ़ने से अप्रत्यक्ष तौर पर महंगाई भी जबरदस्त तरीके से बढ़ रही है। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में ही तेल कंपनियां 25 बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा चुकी हैं। इस दौरान पेट्रोल 6.26 रुपए और डीजल 6.68 रुपए तक महंगा हो चुका है। राजस्थान के गंगानगर में तो दोनों की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर को पार कर चुकी है। हालांकि, इसे लेकर भी केंद्र सरकार बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है और पेट्रोलियम मंत्री का तो यहां तक कहना है कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स के जरिए सरकारी खर्च जुटा रही है।

तेल के बढ़ते दामों पर क्या है पेट्रोलियम मंत्री का तर्क?: बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊंचे केंद्रीय और राज्य करों की वजह से वाहन ईधन के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। इसे लेकर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कई बार बचाव में तर्क दे चुके हैं, लेकिन अपने सबसे ताजा बयान में उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने को कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च के लिए पैसे बचाने से जोड़ दिया।

प्रधान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था- “मैं स्वीकार करता हूं कि ईधन की कीमतें उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन एक साल में कोविड के टीकों पर 35,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। गरीबों को आठ महीने का राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पीएम किसान के तहत कुछ हजार करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर किए गए हैं।”

प्रधान ने आगे कहा, “चावल और गेहूं में एमएसपी की घोषणा की गई। इसके अलावा देश में रोजगार सृजन के लिए, विकास कार्यों के लिए निवेश की आवश्यकता हो रही है। ऐसे कष्ट के समय में हम पैसा बचाकर लोक कल्याण के कामों में लगा रहे हैं।”

तेल के बढ़ते दामों पर कांग्रेसी राज्यों पर निशाना: गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ईधन की बढ़ती कीमतों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। इस बारे में जब धर्मेंद्र प्रधान से सवाल किया गया, तो उन्होंने उल्टा कांग्रेस को घसीटते हुए कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब में ईधन महंगा क्यों है? पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, “अगर राहुल गांधी गरीबों पर वाहन ईधन कीमतों की मार से चिंतित हैं तो उन्हें कांग्रेस शासित राज्यों में ईधन पर करों में कटौती के लिए मुख्यमंत्रियों से कहना चाहिए।”

चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों का जिक्र करने के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान ने मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों का जिक्र नहीं किया, जहां पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। मध्य प्रदेश में तो वैट की दर राजस्थान के बाद सबसे ज्यादा है। जबकि बाकी जिन राज्यों (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना) में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर के ऊपर पहुंची है, वहां गैर-भाजपाई और गैर कांग्रेसी सरकार है।

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