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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर सवाल उठाने वाले 60 रिटायर नौकरशाहों को केंद्रीय मंत्री ने बताया पढ़े लिखे मूर्ख

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के आलोचकों पर कड़ा प्रहार किया।

नई दिल्ली स्थित राजपथ वाले इलाके में सेंट्रल विस्टा के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े काम के दौरान का दृश्य। (एक्सप्रेस फोटोः अमित मेहरा)

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के आलोचकों पर कड़ा प्रहार किया। मंत्री ने 60 सेवानिवृत्त सिविल सेवकों के एक समूह को पढ़े-लिखे मूर्ख करार दिया। दरअसल, इस समूह ने पिछले साल इस परियोजना के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा था।

पुरी ने कहा, “इन पूर्व नौकरशाहों, जिनमें से कई विदेश मंत्रालय से हैं, ने अपने पत्र में कहा है कि यदि रिपोर्टों पर विश्वास किया जाए, तो अंधविश्वास के कारण नए संसद भवन का निर्माण किया जा रहा है कि पुरानी इमारत अशुभ है …, ये पढ़े-लिखे मूर्ख हैं।” पुरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर इतने पत्र तैर रहे हैं कि किसी तरह पूर्व नौकरशाहों द्वारा लिखे गए इस पत्र से वे चूक गए। मंत्री ने कहा, “मेरे कुछ अधिकारियों ने आज मेरे ध्यान में लाया जब मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया में खुला पत्र तैर रहा था लेकिन यह मेरे पास कभी नहीं आया। ”

मंत्री ने कहा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के बारे में एक झूठा आख्यान बनाया जा रहा है और लोगों ने इस परियोजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा रखा है और इसके निर्माण को महामारी से जोड़ रहे हैं।
मंत्री ने कहा, “महामारी के साथ इसका क्या संबंध है? यह 20,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा कहां से आया है? वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं की कुल लागत – संसद भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू – लगभग 1,300 करोड़ रुपये है। संसद भवन पर लगभग 862 करोड़ रुपये और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू पर 477 करोड़ रुपये खर्च होंगे।”

मंत्री ने कहा कि केंद्र ने देश में कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री ने कहा, “यदि आवश्यक हो, तो अधिक आवंटित किया जाएगा। पर्याप्त पैसा है।”

दिल्ली के पावर कॉरिडोर को पूर्ण रूप से बदलने के उद्देश्य से सेंट्रल विस्टा सुधार योजना में एक नई त्रिकोणीय आकार की संसद का निर्माण, एक नया प्रधानमंत्री निवास और शास्त्री भवन, निर्माण भवन सहित सरकारी कार्यालयों को समायोजित करने के लिए 10 नए बिल्डिंग ब्लॉक शामिल होंगे।

पुरी ने स्पष्ट किया कि अभी तक नए प्रधानमंत्री के आवास के लिए किसी डिजाइन को मंजूरी नहीं मिली है। “वर्तमान में केवल दो परियोजनाओं में निर्माण चल रहा है – नया संसद भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू। हम इन दो परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वे 2022 में भारत की 75वीं (स्वतंत्रता) वर्षगांठ के लिए समय पर तैयार हों।”

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