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“वर्क फ्रॉम होम” कर रहे अरुण जेटली, डॉक्‍टरों ने शपथ लेने के लिए भी संसद जाने की नहीं दी सलाह

मंगलवार को ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने जेटली को राज्यसभा में नेता सदन बनाए जाने का पत्र राज्यसभा के सभापति को सौंपा था। इससे पहले साल 2014 में भी जेटली को नेता सदन चुना गया था।
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली। (Photo: PTI)

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली इन दिनों बीमार चल रहे हैं। जल्द ही उनकी किडनी ट्रांसप्लांट होनी है। इसलिए डॉक्टरों ने सलाह दी है कि वो घर से बाहर नहीं निकलें। इसी वजह से मंगलवार (03 अप्रैल) को अरुण जेटली ने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेने नहीं पहुंच सके। सोमवार को उनका कार्यकाल खत्म हो गया था। वो दोबारा उत्तर प्रदेश से चुनकर राज्यसभा पहुंचे हैं। मंगलवार को ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने जेटली को राज्यसभा में नेता सदन बनाए जाने का पत्र राज्यसभा के सभापति को सौंपा था। इससे पहले साल 2014 में भी जेटली को नेता सदन चुना गया था।

सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने जेटली को घर से ही काम करने की सलाह दी है। उन्हें बाहर निकलने से मना किया गया है ताकि उन्हें इन्फेक्शन का खतरा न हो सके। साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद ही अरुण जेटली की बैरियाट्रिक सर्जरी हुई थी, ताकि उनका वजन कम किया जा सके। जेटली लंबे समय से डायबिटीज के भी मरीज हैं।65 साल के जेटली को सर्जरी के लिए इसी सप्ताह के अंत तक अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। माना जा रहा है कि एम्स में जेटली का ऑपरेशन होगा। अपोलो हॉस्पीटल के डॉ. संदीप गुलेरिया की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम इसे करेगी। संदीप एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के भाई हैं और जेटली के फैमिली डॉक्टर हैं।

मोदी सरकार में जेटली अकेले मंत्री नहीं हैं जिनकी किडनी ट्रांसप्लांट होनी है। इनसे पहले दिसंबर 2016 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है। बता दें कि पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर भी इन दिनों बीमार चल रहे हैं। उनके पैनक्रियाज में परेशानी है और वो इसके इलाज के लिए इन दिनों अमेरिका में हैं। इसी साल जेटली ने फरवरी में अपने बजट भाषण में देश के 50 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन में शामिल करने का एलान किया था।

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