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ममता-सीबीआई विवाद: राजीव कुमार को किन आईपीएस अधिकारियों ने बचाया, गृह मंत्रालय करेगा जांच

मंत्रालय ने सीबीआई कार्यालय और राज्य में जांच एजेंसी के अधिकारियों के घरों पर केंद्रीय बलों को तैनात किया है और वह स्थिति पर ‘‘करीब से नजर’’ रख रही है।

Author February 4, 2019 3:57 PM
धरना पर बैठी ममता बनर्जी और उनके साथ कोलकाता पुलिस कमिश्नर (शर्ट में)। Photo: PTI

केंद्रीय गृह मंत्रालय उन आईपीएस अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करेगा, जिन्होंने कोलकाता में शारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में गयी सीबीआई की टीम की जांच में कथित तौर पर बाधा पहुंचायी। मंत्रालय यह भी जांच करेगा कि क्या इन अधिकारियों ने शहर के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को पूछताछ से बचाने के लिये सेवा संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय देश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का काडर-नियंत्रण प्राधिकार है। मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार सीबीआई की जांच में कथित तौर पर बाधा पहुंचाने वाले आईपीएस अधिकारियों की भूमिका और क्या उन्होंने कोलकाता में रविवार के घटनाक्रम में सेवा संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है, इस पर गृह मंत्रालय रिपोर्ट मांगेगा।

केंद्र को रविवार शाम यह सूचना मिली कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर कोलकाता में शारदा घोटाला मामले की जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों को धमकी मिली और उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ।’’ मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि ऐसी भी रिपोर्ट मिली कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक के घर को कोलकाता पुलिस ने घेर लिया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के अनुसार शारदा घोटाला मामले के संबंध में कोलकाता पुलिस प्रमुख से पूछताछ के लिये गयी सीबीआई की टीम की जांच में राज्य पुलिस ने कथित तौर पर बाधा पहुंचायी।

मंत्रालय ने सीबीआई कार्यालय और राज्य में जांच एजेंसी के अधिकारियों के घरों पर केंद्रीय बलों को तैनात किया है और वह स्थिति पर ‘‘करीब से नजर’’ रख रही है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से पहले ही बात कर चुके हैं और रविवार रात उत्पन्न इस ‘‘अभूतपूर्व’’ स्थिति का जायजा लिया। सीबीआई के मुताबिक, चिटफंड घोटालों की जांच के लिये पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कर चुके 1989 बैच के पश्चिम बंगाल काडर के आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है।

कुमार 1989 बैच के पश्चिम बंगाल काडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिये कोलकाता गये निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में चिटफंड घोटाला मामलों के संबंध में राजीव कुमार से पूछताछ के लिये गये सीबीआई अधिकारियों को रविवार पुलिस जीप में भरकर पुलिस थाना लाया गया और कुछ देर के लिये हिरासत में रखा गया। घटना के कुछ देर बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के हाथों अपना ‘‘अपमान’’ बताते हुए इसके विरोध में मेट्रो सिनेमा के सामने धरने पर बैठ गयीं। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने बिना सर्च वारंट के कुमार के दरवाजे पर दस्तक दे दिया।

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