Amit Shah Jalandhar Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नशे की समस्या को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के कुशासन की वजह से पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा है।
अमित शाह ने जालंधर के गांव परागपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज मैं यहां से पंजाब की माताओं और युवाओं से वादा करके जाता हूं कि इस चुनाव में भाजपा का समर्थन कीजिए, कमल के फूल पर वोट डालिए, 31 दिसंबर 2029 से पहले हम पंजाब को चिट्टे के व्यापार से मुक्त कर देंगे।”
शाह ने कहा कि भाजपा ने जो यह अभियान उठाया है, यह राजनीतिक एजेंडा नहीं है, यह पंजाब को बचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि पंजाब में न हम ड्रग बेचने देंगे और न ही भारत के दूसरे राज्यों में जाने देंगे। शाह ने कहा, “भाजपा यह तभी कर सकती है, जब पंजाब का एक-एक युवा नरेंद्र मोदी को एक मौका दे।”
जालंधर में यह रैली बीजेपी की ओर से पंजाब में 4000 किलोमीटर की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के मौके पर आयोजित की गई थी। बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पंजाब के पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से शुरू हुई थी और सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में गई थी।
जनता एक मौका भाजपा को दे- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने लोगों से पूछा कि जो दिल्ली में शराब घोटाले में पकड़े गए हों, क्या वो पंजाब को नशा मुक्त कर सकते हैं? उन्होंने कहा, “आपने कांग्रेस को देखा, आम आदमी पार्टी को देखा… एक मौका पांच साल के लिए भाजपा को दे दो, हम नशा मुक्त पंजाब बनाकर देंगे।”
शाह ने कहा, “मैं अभी नशे की लत के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलकर आया हूं। एक मां अपने दो युवा बेटों की तस्वीर गोद में लेकर कहती है कि इसे बंद करवाओ, मेरे तो नहीं बचे, दूसरे के लाल को बचा लो और इन्हें (AAP) शर्म नहीं आती है? जो नशे में धुत होकर गुरुओं का अपमान करे, वो चिट्टे से पंजाब को मुक्त नहीं कर सकता।”
अब बारी है ‘चिट्टा मुक्त पंजाब’ की
शाह ने कहा, “मैं पंजाब की जनता को बताना चाहता हूं कि हमने जो कहा है, वो करके दिखाया है। कश्मीर को आतंकवाद मुक्त करने का काम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने किया। 50 साल पुरानी नक्सल समस्या को समाप्त करने का काम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने किया। नॉर्थ ईस्ट के आतंकवाद को समाप्त करने का काम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने किया, और अब बारी है ‘चिट्टा मुक्त पंजाब’ की।”
अकाली दल के साथ हो सकता है गठबंधन
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। यह माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार के विधानसभा चुनाव में पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (बादल) के साथ गठबंधन कर सकती है। अकाली दल (बादल) और बीजेपी का पहले भी लंबे समय तक गठबंधन रहा था लेकिन 2019 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर अकाली दल (बादल) ने एनडीए से नाता तोड़ दिया था।
अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद इस तरह की चर्चाओं को बल मिला है कि बीजेपी और अकाली दल (बादल) मिलकर विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं हालांकि भाजपा के कई बड़े नेताओं ने बार-बार कहा है कि उनकी पार्टी पंजाब में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
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जालंधर जिले के बिलगा गांव के रहने वाले रमेश रो पड़े जब उन्होंने बताया कि ड्रग्स की लत ने उनके परिवार के एक-एक सदस्य की जान ले ली। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
