श्रीनगर में मंच पर पहुंचते ही अमित शाह ने हटवा दिया बुलेटप्रूफ कांच, मनोज सिन्हा ने भी ऐसे ही दिया भाषण

श्रीनगर के लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो शांति में खलल पहुंचाते थे, उनका मकसद क्या है? यहां उद्योग न लगे, पर्यटन न बढ़े, यहां का युवा बेरोजगार रहे और बेरोजगार होकर हाथ में पत्थर उठाता रहे। इससे उनकी राजनीति चलती रहेगी।

Dusari Nazar Article
अपने जम्मू कश्मीर दौरे के आखिरी दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में एक जनसभा को संबोधित किया और इस दौरान मंच पर लगा बुलेट प्रूफ कांच भी हटा दिया। (फोटो: एएनआई)

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को अपने जम्मू कश्मीर दौरे के तीसरे और आखिरी दिन श्रीनगर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मंच पर लगाए गए बुलेट प्रूफ कांच को हटवा दिया और लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ मंच पर मौजूद रहे जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बिना बुलेट प्रूफ लगे मंच से ही भाषण दिया।   

श्रीनगर के लोगों को संबोधित करते गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं आप लोगों से दिल खोलकर बात करना चाहता हूं। इस कारण बिना बुलेटप्रूफ आपके बीच आया हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि फारुख  साहब ने भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करने की सलाह दी है। लेकिन मैं घाटी के युवाओं से बात करना चाहता हूं। मैंने घाटी के युवाओं के सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। घाटी, जम्मू और नए बने लद्दाख का विकास पाकीजा मकसद से उठाया गया कदम है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने सवाल उठाए कि धारा 370 हटने के बाद घाटी के लोगों की ज़मीन छीन ली जाएगी। ये लोग विकास को बांध कर रखना चाहते हैं, अपनी सत्ता को बचाकर रखना चाहते हैं, 70 साल से जो भ्रष्टाचार किया है उसको चालू रखना चाहते हैं। साथ ही अमित शाह ने कहा कि ये लोग कहते थे कि दहशतगर्दों के ख़िलाफ़ आवाज़ नहीं उठाई। इन लोगों ने घाटी का पर्यटन समाप्त कर दिया था। मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच में देश और विदेश के 1.31 लाख पर्यटक जम्मू-कश्मीर में आए हैं, जो देश के आजाद होने के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इसके अलावा अमित शाह ने कहा कि जो शांति में खलल पहुंचाते थे, उनका मकसद क्या है? यहां उद्योग न लगे, पर्यटन न बढ़े, यहां का युवा बेरोजगार रहे और बेरोजगार होकर हाथ में पत्थर उठाता रहे। इससे उनकी राजनीति चलती रहेगी। वह लोग आपसे सिर्फ पाकिस्तान की बात करते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि यहां का युवा पत्थर की बजाए पुस्तक उठाए, हथियार के बजाए कलपुर्जे जोड़ने के साधन उठाए और अपने जीवन को बढ़ाए।

सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर के गंदेरबल जिले के खीर भवानी मंदिर  भी पहुंचे। इस दौरान उनके साथ जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे। जम्मू कश्मीर का पारंपरिक पोशाक पहने अमित शाह ने मंदिर में पूजा अर्चना भी की और उसकी तस्वीरें अपनी सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर भी की। खीर भवानी मंदिर दर्शन का फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि माता खीर भवानी मंदिर में मां के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। देशभर के कश्मीरी पंडित भाईयो-बहनों की आस्था का ये एक ऐसा अटूट केंद्र है जो पूरे राष्ट्र को प्रेरणा देता है। इस पवित्र स्थल में एक अद्भुत शक्ति है जिसकी अनुभूति यहां आकर निश्चित रूप से होती है।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
शर्मसार हुई मां की ममता: 3 बेटियों को सुलाया मौत की नींदsangam vihar, sangam vihar murder, ambedkar nagar police station, delhi news
अपडेट