मरीज के रूप में जब नाम बदल हेल्थ सेंटर पहुंच गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बुधवार रात 11:30 बजे अपना नाम बदलकर साउथ एवेन्यू के सीजीएचएस अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अपना नाम अनिल रादडिया बताया। डॉक्टर ने एक आम मरीज की तरह उनका इलाज किया।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया अपना नाम बदलकर सीजीएचएस अस्पताल इलाज कराने पहुंचे। (express file)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया बुधवार को एक मरीज के रूप में नाम बदलकर दिल्ली के सीजीएचएस अस्पताल इलाज करने पहुंच गए। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इलाज करने वाले डॉक्टर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने डॉक्टर को मंत्रालय बुला कर सम्मानित भी किया।

द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बुधवार रात 11:30 बजे अपना नाम बदलकर साउथ एवेन्यू के सीजीएचएस अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अपना नाम अनिल रादडिया बताया। डॉक्टर ने एक आम मरीज की तरह उनका इलाज किया। इस दौरान डॉक्टर को इस बात का बिलकुल भी आभास नहीं था कि वह जिस मरीज का इलाज कर रहा है वह कोई आम आदमी नहीं बल्कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हैं। जिससे मनसुख मांडविया बेहद खुश हुए। गुरुवार को, मंडाविया ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को एक विस्तृत पत्र लिखा और उनकी टीम को धन्यवाद दिया।
 
पत्र में स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि मुझे खुशी है कि आपने बहुत अच्छे ढंग से मुझसे बातचीत की, मेरी समस्याओं को समझा, मेरी दिक्कतों के बारे में अपनी डायग्नोसिस दी और मेरा इलाज किया। इस दौरान मैंने पाया कि आपका ये सेवा भाव सीजीएचएस के डॉक्टर से अपेक्षित व्यवहार के अनुकूल था और इसके लिए मैं आपकी सराहना करता हूं।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे लिखा, “आपकी विनम्रता, कर्तव्यनिष्ठा, विशेषज्ञता और अपने कर्म के प्रति समर्पण सीजीएचएस के तहत देश भर में काम कर रहे डॉक्टरों और अन्य डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रेरणा देने वाली है। अगर देश के सभी सीजीएचएस डॉक्टर, अन्य डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपने यहां आने वाले मरीजों का इलाज इसी संवेदना के साथ करें तो हम सब मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ भारत का सपना पूरा कर पाएंगे। 

बता दें मंडाविया ने बृहस्पतिवार को तपेदिक (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में प्रगति की समीक्षा के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रधान सचिव या अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ संवाद किया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नियमित चर्चा जारी रखने का सुझाव दिया ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की जा सके और उनका अनुकरण किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘ये आम नीतियों के केंद्रित और प्रभावी कार्यान्वयन में दृढ़ता से योगदान देंगे और सामूहिक रूप से इन लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे।’’

मंडाविया ने कहा, ‘‘समन्वित और सहयोगात्मक प्रयास साझा लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी से योगदान देंगे। हमें टीबी उन्मूलन के इस मिशन में आम लोगों को शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। इसे लोगों की पहल बनाना होगा।’’

मंडाविया ने उन्हें आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार 2025 तक टीबी मुक्त भारत के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के अपने मिशन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सुझावों के लिए तैयार है। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अन्य कार्यक्रमों और पहलों पर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया। तपेदिक के खिलाफ प्राप्त लाभ को कोविड-19 के चलते उत्पन्न खतरे पर, मंडाविया ने कोविड के टीकाकरण में तेजी लाने पर बात की।

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