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बीजेपी के घोषणा-पत्र के मुताबिक हो सकता है बजट, जानिए कैसे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक सबको अपना घर और किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहते हैं। ऐसे में बहुत हद तक संभावना है कि केंद्र के बजट में इसबार इस योजना पर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

Author नई दिल्ली | July 4, 2019 5:04 PM
पीएम मोदी से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः प्रवीण खन्ना)

2014 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया था। बजट में जिन चीजों को शामिल किया गया था उनमें बीजेपी के घोषणापत्र को ध्यान में रखा गया था। बीजेपी 2019 में एकबार फिर सत्ता पर काबिज हुई है और माना जा रहा है कि शुक्रवार यानि कल (5 जुलाई 2019) पेश होने वाले केंद्रीय बजट में भी इस आम चुनाव के दौरान बीजेपी के घोषणा-पत्र में किए गए वादों को ध्यान में रखा जाएगा।

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र को ‘संकल्प पत्र’ का नाम दिया है। इसमें किसानों, हर गरीब को मकान और व्यापारियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं जैसे वादों को शामिल किया गया था। बीते कई दशकों से देखा जाता रहा है कि सरकार बजट में कई योजनाओं पर आगे तो बढ़ती है लेकिन सही व्यवस्था और दूरदृष्टि के बिना इनके क्रियान्वयन में असफल हो जाती है।

मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान छोटे स्तर पर और कुछ योजनाओं को बड़े स्तर पर शुरू किया। सरकार ने इन योजनाओं पर बजट व्यय अपर्याप्त कर राजस्व, पहले से निर्धारित व्यय और बड़े राजकोषीय घाटे को ध्यान में रखकर किया। माना जा रहा है कि इस बजट में भी जिन योजनाओं को शुरू करने की घोषणा होगी उनमें राजकोषीय घाटे के आधार पर व्यय किया जाएगा। यानि कि नई योजनाओं की शुरुआत कम धन खर्च कर हो सकती है। इससे राजकोषीय घाटे को नियंत्रित किया जाएगा।

मोदी सरकार के पहले बजट में नमामी गंगे, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय ग्रामीण इंटरनेट एवं टेक्नोलॉजी मिशन, वस्त्र मेगाक्लस्टर, वॉर मेमोरियल, ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्मार्ट सिटी योजना, स्टार्ट-अप विलेज उद्यमिता और नए एम्स जैसी योजनाओं की शुरुआत की गई थी। सरकार ने इसमें घोषणापत्र के तहत किए वादों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाया था। यह यूपीए के बजट से बेहद अलग था। यूपीए के बजट में भोजन, शिक्षा और रोजगार के कानूनी अधिकार से संबंधित योजनाओं पर हजारों करोड़ों रुपए व्यय कि गए थे।

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक सबको अपना घर और किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहते हैं। ऐसे में बहुत हद तक संभावना है कि केंद्र के बजट में इसबार इस योजना पर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। इसके साथ ही 2024 तक देश की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुने से अधिक कर 5,000 अरब डालर पर पहुंचाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुधारों की विस्तृत रूपरेखा पेश किये जाने की उम्मीद है।

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