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Budget 2019: ‘ऐसा बजट देखा है, जिसमें न राजस्व का जिक्र हो, न खर्चे और घाटे का’, पी.चिदंबरम बोले- हम आईपैड में लाएंगे

Budget 2019: यही नहीं, उन्होंने आगे बताया, "वित्त मंत्री (सीतारमण) ने जहां दावा किया है कि उन लोगों ने एक लाख करोड़ रुपए के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) को कम किया। ऐसे में उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि उसी समयकाल में बैंकों ने पांच लाख 55 हजार 603 करोड़ रुपए भट्टा-खाते में डाल दिए। मुझे नहीं मालूम कि आखिर उन्होंने ये बात क्यों नहीं बताई।"

Author नई दिल्ली | July 5, 2019 7:54 PM
Budget 2019: राजस्थान के जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में शुक्रवार शाम पत्रकारों को संबोधित करते पूर्व वित्त मंत्री पी.चिंदबरम। (एक्सप्रेस फोटोः रोहित जैन पारस)

Budget 2019: पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने ऐसा बजट कभी नहीं देखा, जिसमें न तो राजस्व का जिक्र है। न ही खर्चे और घाटे का ब्यौरा दिया गया है। चिदंबरम ने इसके अलावा दावा किया कि उनकी (कांग्रेसी) सरकार भविष्य में ऐप्पल आईपैड में बजट लेकर आएगी।

दरअसल, शुक्रवार (पांच जुलाई, 2019) को देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पुरानी परंपरा छोड़ लाल रंग के कपड़े में बजट जुड़े दस्तावेज लाई थीं। चिदंबरम ने बजट पेश होने के कुछ देर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “आप मुझसे लिखकर ले लीजिए, हमारा कांग्रेसी वित्त मंत्री भविष्य में बजट आईपैड में लेकर आएगा।”

चिदंबरम, आईपैड का जिक्र कर यह कहना चाह रहे थे कि उनकी सरकार और आधुनिक तकनीक और तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर बेहतर बजट लाएगी।

यही नहीं, उन्होंने आगे बताया, “वित्त मंत्री (सीतारमण) ने जहां दावा किया है कि उन लोगों ने एक लाख करोड़ रुपए के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) को कम किया। ऐसे में उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि उसी समयकाल में बैंकों ने पांच लाख 55 हजार 603 करोड़ रुपए भट्टा-खाते में डाल दिए। मुझे नहीं मालूम कि आखिर उन्होंने ये बात क्यों नहीं बताई।”

बकौल चिदंबरम, “क्या कभी कोई ऐसा बजट आया है, जिसमें कुल राजस्व, कुल खर्च, वित्तीय घाटे, राजस्व घाटे और वित्तीय रियायतों का उल्लेख नहीं है? हम अब तक चली आ रही परंपराओं से इस सरकार के अलग जाने से स्तब्ध हैं।”

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा- आम नागरिकों या जानकार अर्थशास्त्रियों की आवाज को सुने बिना यह बजट तैयार किया गया। यह बजट आर्थिक समीक्षा से पैदा हुई मामूली उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। वित्त मंत्री ने किसी भी वर्ग को उचित राहत नहीं पहुंचाई है। इसके उलट उन्होंने कई वस्तुओं और पेट्रोल एवं डीजल पर कर का बोझ बढ़ा दिया।

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