BJP शासित हरियाणा में हर साल दो लाख बढ़ जाते हैं बेरोजगार, CM खट्टर का बयान

CMIE के मुताबिक देश में हरियाणा बेरोजगारी के मामले में शीर्ष पर है। सूबे में बेरोजगारी 35 फीसदी हो गयी है।

Haryana, Farmers Movement
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि प्रदेश में हर साल दो लाख बेरोजगार बढ़ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा,’ हरियाणा में बेरोजगारी क़रीब 6% है। बेरोजगारी को खत्म करने के लिए हम बहुत से कदम उठा रहे हैं, उनकी स्किल्स को बढ़ावा देना, वो स्वयं रोजगार खड़ा करें। हर साल हमारे यहां 2 लाख युवक बेरोजगारी में जुड़ते हैं, उनको रोजगार दिलाना हमारा काम है।’

सीएम के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी रिएक्ट किया। सादिक (@SadikKalwan) नाम के ट्विटर यूजर ने कहा, ‘जरा यहाँ पर भी ध्यान दिया जाए खट्टर जी।’ शख्स ने एक खबर शेयर की थी जिसमें बताया गया था कि देश में हरियाणा बेरोजगारी के मामले में शीर्ष पर है। सूबे में बेरोजगारी 35 फीसदी हो गयी है। बेरोजगारी से जुड़े आंकड़ों की बात करें तो जुलाई में भारत की बेरोजगारी दर गिरकर चार महीने के निचले स्तर 6.95% पर आ गई है। जिसका मतलब है कि महामारी की दूसरी लहर की चपेट में आने वाला लेबर मार्केट अब धीरे-धीरे उबर रहा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार मार्च में देश की बेरोजगारी 6.5% थी; , यह अप्रैल में बढ़कर 7.97% और मई में 11.9% हो गयी, जून में यह दर 9.17% थी।

सीएमआईई के एमडी और सीईओ महेश व्यास ने कहा, “जुलाई के आंकड़े लगभग पूरी तरह से रिकवरी का सुझाव देते हैं। श्रम भागीदारी दर, बेरोजगारी दर और रोजगार दर सभी अपने मार्च 2021 के स्तर के करीब वापस आ गए हैं।”

ग्रामीण बेरोजगारी दर जुलाई में 6.34% थी जो मार्च के 6.15% के स्तर के करीब थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अप्रैल में बढ़कर 7.13% हो गई, जो मई में बढ़कर 10.63 फीसदी हो गई, लेकिन जून में कम होकर 8.75% हो गई।

हालांकि शहरी बेरोजगारी दर जुलाई में गिरकर 8.3% हो गई, फिर भी यह मार्च में 7.27% की तुलना में अभी भी ज्यादा है। सीएमआईई के अनुसार अप्रैल में शहरी बेरोजगारी दर 9.78 फीसदी, मई में 14.73 फीसदी और जून में 10.07 फीसदी थी।

जीनियस कंसल्टेंट्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर पी यादव ने कहा, ‘पूरा उद्योग बाजार हिस्सेदारी के लिए कारोबार की वृद्धि चाहता है। अचानक अधिकांश उद्योग जगत से भर्ती की मांग बढ़ गई है। दूसरी और तीसरी तिमाही में बेरोजगारी और कम होने वाली है।”

मई 2021 कम से कम जनवरी 2016 के बाद से केवल चौथा महीना था जब कुल मासिक बेरोजगारी दर दोहरे अंकों के निशान को पार कर गई थी। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच, पिछले साल अप्रैल, मई और जून के दौरान बेरोजगारी डबल डिजिट से आगे निकल गई।

पिछले साल अप्रैल में कुल बेरोजगारी दर 23.52 फीसदी के चरम पर पहुंच गई थी, लेकिन अगले महीने से इसमें गिरावट शुरू हो गई। पिछले साल मई में देश की बेरोजगारी दर 21.73% थी। पिछले साल जून में यह 10.18% थी।

महामारी की पहली लहर के दौरान, घातक कोरोनावायरस से प्रभावित होने वाले लोगों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए कड़े लॉकडाउन ने वर्क फोर्स को काम से दूर कर दिया। जिसके चलते बेरोजगारी दर में वृद्धि हुई।

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