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हवा मोदी जी की, उसे साइकिल में डालकर चला देना अमित शाह की बाजीगरी, जानें उमा भारती ने खुद को क्यों कहा मोगली

उमा भारती का कहना है कि अगर मुझसे कहा जायेगा कि मथुरा और काशी तभी मिलेगा जब तुम्हारी गर्दन काटकर तस्तरी पर रखी जाएगी, तो मैं इसके लिए भी तैयार हूं।

Uma Bharti
उमा भारती (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बीजेपी नेता उमा भारती ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी पर बात करते हुए कहा कि हवा मोदी जी की, उसे साइकिल में डालकर चला देना अमित शाह की बाजीगरी है। इसके साथ ही उन्होंने खुद को मोगली बताया।

एबीपी न्यूज़ के शो में कौन सी जोड़ी आपको पसंद है अटल-आडवाणी की या मोदी-शाह की? इस सवाल के जवाब में उमा भारती ने कहा कि ये तो वक़्त की बात है। उस समय देश को अटल-आडवाणी की जरूरत थी आज देश का प्रतिनिधित्व मोदी जी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मतलब हवा मोदी जी की है और उसे साइकिल में डालकर चला देना अमित शाह की रणनीति है।”

मैं खुद को मोगली समझती हूं: वो 2023 का विधानसभा चुनाव या 2024 का लोकसभा चुनाव क्या लड़ना चाहती हैं? इस सवाल के जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि मैं तो लगातार काम कर रही हूं पर खुद को स्ट्रेस नहीं देना चाहती। मैं 2024 का चुनाव लड़ूँगी। उमा भारती ने कहा, “ये तो भगवान की दया है कि मैं यूपी से भी लड़ सकती हूं, एमपी से भी चुनाव मैदान में उतर सकती हूं, चाहे तो मुझे कन्याकुमारी भेज दो। ये सब वो डिसाइड करेंगे। मैं खुद को मोगली समझती हूं।”

हम तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते: बीजेपी की सरकार में मुस्लिम समुदाय को डर है और उनका स्टेटस अब इस देश में वैसा नहीं रहेगा जैसा वो हमेशा से देखते आ रहे हैं। इस आरोप के जवाब में उमा भारती ने कहा कि हम तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते। हम ऐसा कोई काम नहीं करते कि वो खुश हो जाएं और हमें वोट दें। उन्होंने कहा कि हम इस बात का ध्यान रखेंगे कि उन्हें अस्पतालों में दवाई मिले, स्कूल में बेहतर पढ़ाई मिले, उन्हें रोजगार मिले और उनकी महिलाएं सम्मान की जिंदगी जिएं।

उमा भारती का कहना है कि हम उग्र हिन्दुत्ववाद के विरोधी हैं पर उग्र राष्ट्रवाद के विरोधी नहीं। भाजपा नेता उमा भारती ने कहा कि कुछ तत्त्व देश का माहौल खराब करने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने देशवासियो से आग्रह किया कि देश में धर्म के नाम पर गाली-गलौज बंद होना चाहिए।

ज्ञानवापी के मुद्दे पर उमा भारती ने कहा कि 1991 के वर्शिप एक्ट की बहस में मैं भी शामिल थी। उस दौरान मैंने कहा था कि आज के दिन ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाना चाहिए ताकि बाद में किसी तरह की कोई समस्या ना खड़ी हो।

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