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बोफोर्स कांड के 30 साल बाद भारतीय सेना को अमेरिका से मिली होवित्‍जर तोपें, पोखरण में हो रहे टेस्‍ट

भारत ने 5000 करोड़ रूपये की लागत से 145 होवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए पिछले साल नवंबर में अमेरिका के साथ एक समझौता किया था।
Author July 16, 2017 19:43 pm
होवित्‍जर तोपों का परीक्षण पोखरण में किया जा रहा है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

राजस्थान के पोखरण में लंबी दूरी तक मार करने वाले दो अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के परीक्षण हो रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बोफोर्स कांड के 30 साल बाद भारतीय सेना को अमेरिका से ये तोप मिले हैं। तोपों के इन परीक्षणों का प्राथमिक लक्ष्य एम-777 ए-2 अल्ट्रा-लाइट के प्रक्षेप पथ, रफ्तार और गोले दागने की बारंबारिता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा जमा करना एवं नियत करना है। उम्मीद की जा रही है कि इनमें से ज्यादातर तोपों को चीन से लगी सीमा पर तैनात किया जाएगा। परीक्षण की जानकारी रखने वाले एक सैन्य अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि ये परीक्षण सितंबर तक जारी रहेंगे। अधिकारी मीडिया से बातचीत करने के लिए प्राधिकृत नहीं हैं। 155 मिलीमीटर, 39-कैलीबर के तोप में भारतीय आयुध उपयोग किए जाएंगे। 2018 के सितंबर में सेना को प्रशिक्षण के लिए तीन और तोपों की आपूर्ति होगी। इसके बाद 2019 के मार्च महीने से सेना में प्रति माह पांच तोपों की तैनाती शुरू हो जाएगी। तोपों की आपूर्ति 2021 के मध्य में पूरी हो जाएगी और इसी के साथ इसकी तैनाती भी पूरी हो जाएगी। अधिकारी ने बताया, ‘‘परीक्षण सहज तरीके से चल रहे हैं और ‘फायरिंग टेबल’ के निर्माण के लिए विभिन्न डेटा जमा किए जा रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि लक्ष्य यह सुनिश्चत करना है कि तोपों की तैनाती में कोई विलंब नहीं हो। भारत ने 5000 करोड़ रूपये की लागत से 145 होवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए पिछले साल नवंबर में अमेरिका के साथ एक समझौता किया था। इसी के तहत सेना को मई में ये तोप मिले।

होवित्जर में क्या है खास?

1- होवित्जर तोपें दूसरी तोपों के मुकाबले काफी हल्की हैं। इनको बनाने में टाइटेनियम का इस्तेमाल किया गया है। यह 25 किलोमीटर दूर तक बिल्कुट सटीक तरीके से टारगेट हिट कर सकती हैं।
2- चीन से निपटने में तो ये तोपें काफी कारगर साबित हो सकती हैं। भारत ये तोपें अपनी 17 माउंटेन कॉर्प्स में तैनात कर सकता है।
3- भारत बोफोर्स का अपग्रेडेड वर्जन धनुष नाम से भारत में तैयार कर रहा है। इसका फाइनल ट्रायल चल रहा है। 1260 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में 114 का ट्रायल चल रहा है। जरूरत 414 तोपों की है।

4- 500 करोड़ रुपए के सेल्फ प्रोपेल्ड गन का कॉन्ट्रेक्ट तैयार है। इसे एलएंडटी और सैमसंग टैकविन बनाएंगी।
5- जून 2006 में हॉवित्जर का लाइट वर्जन खरीदने के लिए भारत-अमेरिका की बातचीत शुरू हुई थी। भारत इन्हें चीन बॉर्डर पर तैनात करना चाहता है।
6- अगस्त 2013 में अमेरिका ने हॉवित्जर का नया वर्जन देने की पेशकश की। कीमत थी 885 मिलियन डॉलर।

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