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यूजीसी ने जारी की 23 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

यूजीसी सचिव रजनीश जैन की ओर से विद्यार्थियों और आम लोगों को सूचित किया गया है कि वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में यूजीसी अधिनियम का उल्लंघन कर 23 स्वघोषित, गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान चल रहे हैं।

Author July 24, 2019 4:19 AM
फेक विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक आठ उत्तर प्रदेश में है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 23 स्वघोषित, फर्जी व गैर-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की एक सूची जारी की, जिनमें से  उच्च शिक्षा नियामक ने विद्यार्थियों को इन संस्थानों में प्रवेश लेने के खिलाफ आगाह किया है। यूजीसी सचिव रजनीश जैन की ओर से विद्यार्थियों और आम लोगों को सूचित किया गया है कि वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में यूजीसी अधिनियम का उल्लंघन कर 23 स्वघोषित, गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान चल रहे हैं। इनमें से आठ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में हैं, उसके बाद सात दिल्ली में हैं। पश्चिम बंगाल में दो, ओड़ीसा में तीन और केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र व पुडुचेरी में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय है।

दिल्ली के फर्जी विश्वविद्यालय : कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज; यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी; वोकेशनल यूनिवर्सिटी; एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी; इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग; विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फोर सेल्फ एम्पलॉयमेंट और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, रोहिणी। एम्पलॉयमेंट और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, रोहिणी।

पश्चिम बंगाल के फर्जी विश्वविद्यालय : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, कोलकाता।
उत्तर प्रदेश के फर्जी विश्वविद्यालय : वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी; महिला ग्राम विद्यापीठ, प्रयागराज; गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयागराज; नेशनल यूनिवर्सिटी आॅफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी, कानपुर; नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी, अलीगढ़; उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, मथुरा; महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़ और इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, माकनपुर (नोएडा फेस टू)।

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