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अंग्रेजों की कस्‍टडी में है वह रिवॉल्वर, जिससे उधम सिंह ने ली थी डायर की जान

13 मार्च 1940 को उधम सिंह ने जलियावाला बाग नरसंहार के दौरान पंजाब के गवर्नर रहे माइक ओ डायर की अपनी रिवॉल्वर से लंदन में हत्या कर दी थी।

उधम सिंह की पुण्यतिथि। (Photo Source: Express)

भगत सिंह की पिस्टल फिरोजपुर में हुसैनीवाला बॉर्डर संग्रहालय में रखी गई है, लेकिन एक और फ्रीडम फाइटर उधम सिंह की पिस्तौल आज भी यूके के मेट्रोपोलिटन पुलिस के कस्टडी में है। यहीं नहीं उधम सिंह के पिस्टल भारत आने की उम्मीद भी नहीं है। यूनाइटेड किंगडम ने पंजाब सरकार से शहीद से जुड़ी चीजों को वापस लौटने से इनकार कर दिया है। साथ ही दावा किया गया है कि वह सबूत का हिस्सा है। सितंबर 2016 में विदेश मंत्रालय में लगाई गई एक आरटीआई से इस बात की जानकारी हुई है। आज 31 जुलाई को शहीद उधम सिंह की पुण्यतिथि है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के आरटीआई कार्यकर्ता जतिंदर जैन की ओर से लगाई गई आरटीआई के जवाब में विदेश मंत्रालय के पश्चिमी यूरोप डिवीजन ने कहा कि यूके की सरकार से बातचीत पर उनके ओर से साफ कर दिया गया है कि उधम सिंह की डायरी, कॉब्लर नाइफ, रिवॉल्वर तथा गोला बारूद मेट्रोपोलिटन पुलिस, लंदन के कब्जे में हैं।

13 मार्च 1940 को उधम सिंह ने जलियावाला बाग नरसंहार के दौरान पंजाब के गवर्नर रहे माइक ओ डायर की अपनी रिवॉल्वर से लंदन में हत्या कर दी थी। डायर की हत्या करने पर उधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को पैंटनविल्ले जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। हर साल उधम सिंह की पुण्यतिथि पर प्रशासन की ओर से उधम सिंह से जुड़ी चीजों को यूके से वापस भारत लाने का दावा किया जाता है, लेकिन इसमें अभी तक सफलता प्राप्त नहीं हो पाई है। उधम सिंह का जन्म पंजाब के सुनाम कस्बे में 26 दिसंबर 1899 में हुआ था।

सरदार उधम सिंह का नाम भारत की आजादी की लड़ाई में पंजाब के क्रान्तिकारी के रूप में दर्ज है। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के समय पंजाब के गर्वनर जनरल रहे माइकल ओ’ डायर को लन्दन में जाकर गोली मारी। कई इतिहासकारों का मानना है कि यह हत्याकाण्ड डायर व अन्य ब्रिटिश अधिकारियों का एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जो पंजाब पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पंजाबियों को डराने के उद्देश्य से किया गया था।

 

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