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पांच साल के लिए उद्धव उद्धव ठाकरे बनेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, लंबी बैठक के बाद निकला निष्कर्ष

शरद पवार ने साफ कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री की बात है, उस पर कोई दो- राय नहीं है कि उद्धव ठाकरे को ही सरकार का नेतृत्व करना चाहिए।

Author Published on: November 23, 2019 4:50 AM
शनिवार को तीनों पार्टियों के नेता मिलकर तय करेंगे कि सरकार बनाने का दावा करने के लिए राज्यपाल के पास कब जाना है। (फ़ाइल फोटो)

महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में किया जाएगा। वे पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना के शीर्ष नेताओं के बीच हुई लंबी बैठक के बाद पवार ने कहा कि ठाकरे के नेतृत्व पर सहमति है। शनिवार को तीनों पार्टियों के नेता मिलकर तय करेंगे कि सरकार बनाने का दावा करने के लिए राज्यपाल के पास कब जाना है।

बैठक के बाद पवार ने कहा, ‘इस बात पर सहमति है कि सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे के पास होगा।’ उन्होंने कहा कि मध्य मुंबई के नेहरू केंद्र में हुई बैठक में सरकार के एजंडे को अंतिम रूप देने के लिए व्यापक चर्चा हुई। करीब दो घंटे तक चली शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर भी आम सहमति बन गई। शनिवार को तीनों दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औपचारिक एलान किया जाएगा।

शरद पवार ने साफ कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री की बात है, उस पर कोई दो- राय नहीं है कि उद्धव ठाकरे को ही सरकार का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य मसलों पर चर्चा जारी है। बैठक के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहली बार तीन पार्टियों के नेता इकट्ठा बैठे। हम चाहते हैं कि सरकार बनाने से पहले कोई ऐसा मसला न हो, जिसका हल हमारे पास ना हो। उन्होंने कहा कि सकारात्मक चर्चा हुई और सभी मसलों पर बात हुई।

इस बैठक में शिवसेना से एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, संजय राउत, कांग्रेस से अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोराट, पृथ्वीराज चव्हाण और राकांपा से प्रफुल्ल पटेल, जयंत पाटील, अजित पवार ने हिस्सा लिया।

कांग्रेस के नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना के शीर्ष नेताओं की मुलाकात भावी सत्तारूढ़ गठबंधन में शासन में विकास का एजंडा बनाने के लिए सहमति कायम करने के तीनों पार्टियों के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘न्यूनतम साझा कार्यक्रम और सत्ता में हिस्सेदारी का मसौदा कांग्रेस और राकांपा ने तैयार किया है। इस पर शिवसेना के नेतृत्व के साथ चर्चा की जा रही है। जो भी सहमति दी गई है, उसके आधार पर और शामिल किए जाने वाले किसी भी सुझाव पर आगे काम किया जा रहा है।’

इससे पहले, शिवसेना के साथ नहीं आने के बाद भाजपा ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। राज्य में भाजपा और शिवसेना ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था और गठबंधन को बहुमत मिला था, जिसमें भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटें आई थीं। राज्य में विधानसभा की 288 सीटें हैं। राकांपा और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और उन्हें क्रमश: 54 और 44 सीटें मिली हैं। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की सीटें 154 होती हैं जो बहुमत की 145 की संख्या से ज्यादा है।

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