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उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम तो बने, लेकिन छोड़ना पड़ गया सामना के एडिटर का पद, जानें क्या है इसकी वजह…

शिवसेना सांसद संजय राउत का कहना है कि उद्धव ठाकरे अब महाराष्ट्र के सीएम हैं। ऐसे में उनका नाम सामना के एडिटर पद से हटा दिया गया है। यह हमारा इंटरनल मैटर है। कुछ परंपराओं का पालन करना ही पड़ेगा।

uddhav thackerayशिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे।

शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने जिस दिन महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ली, उनका नाम पार्टी के मुखपत्र सामना के एडिटर पद से हटा दिया गया। गुरुवार (28 नवंबर) सुबह प्रकाशित अखबार की प्रिंटलाइन में उनका नाम नहीं था। हालांकि, शिवसेना सांसद संजय राउत का नाम अखबार के एग्जिक्यूटिव एडिटर के रूप में बरकरार है।

1990 से एग्जिक्यूटिव एडिटर हैं राउत: बता दें कि संजय राउत 1990 से सामना के एग्जिक्यूटिव एडिटर हैं। उन्होंने नवंबर 2012 में शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के निधन से पहले उनके नेतृत्व में काम किया। अखबार के मास्टडेट में संस्थापक संपादक के रूप में आज भी बाला साहेब ठाकरे का नाम जाता है। वहीं, प्रिंटलाइन में बतौर एडिटर अब तक उद्धव ठाकरे का नाम लिखा रहता था।

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नाम हटाने के लिए बताई गई यह वजह: शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उद्धव ठाकरे अब महाराष्ट्र के सीएम हैं। ऐसे में उनका नाम सामना के एडिटर पद से हटा दिया गया है। यह हमारा इंटरनल मैटर है। कुछ परंपराओं का पालन करना ही पड़ेगा। बता दें कि गुरुवार को सामना के फ्रंट पेज पर विशेषांक निकाला गया, जिसका शीर्षक ‘महाराष्ट्र धर्म व्यापक है’ था।

संजय उवाच के नाम से लिखा एडिटोरियल: गुरुवार को प्रकाशित एडिटोरियल ‘संजय उवाच’ के नाम से लिखा गया। इसमें साफतौर पर बताया गया कि एडिटोरियल में संजय राउत के विचारों का जिक्र होगा, न कि उद्धव ठाकरे के। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संजय उवाच का इस्तेमाल रोजाना होगा या नहीं। इस एडिटोरियल में लिखा गया, ‘‘छत्रपति शिवाजी का राज्य महाराष्ट्र धर्म से आया था। वह हर किसी का साम्राज्य था। उद्धव ठाकरे के शासन में उसी महाराष्ट्र धर्म का पालन होगा। जो लोग कह रहे थे कि यह सरकार कैसे बनेगी, उन्हें महाराष्ट्र धर्म का सार जानना चाहिए।’’

एडिटोरियल में बताया नई सरकार का मकसद: सामना में प्रकाशित इस एडिटोरियल में बताया गया कि नई सरकार का गठन राज्य के बेसिक मुद्दों पर ध्यान देने के लिए हो रहा है। इसमें लिखा है, ‘‘इस सरकार का गठन राष्ट्रीय मुद्दों पर नहीं, महाराष्ट्र के मुद्दों व विकास पर ध्यान देने के लिए हुआ है।’’ बता दें कि शिवसेना का मुखपत्र सामना 1989 में बाल ठाकरे ने लॉन्च किया था। इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी लाइन तय की गई थी।

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