Maharashtra News: शिवसेना यूबीटी के नेता और महाराष्ट्र के रत्नागिरि सिंधुदुर्ग सीट से दो बार के पूर्व लोकसभा सांसद विनायक राउत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी बहू गिरिजा राउत ने अपने ससुर विनायक राउत, सास श्यामल, पति गीतेश राउत समेत अन्य चार लोगों के खिलाफ 4 साल तक काला जादू करने के गंभीर आरोप लगाए थे और ठाणे की कपूरबावड़ी पुलिस में केस दर्ज कराया था। इस मुद्दे पर अब गिरिजा की मां ने राउत परिवार पर करारा हमला बोला है।
गिरिजा राउत की मां ने राउत परिवार पर बेटे की मानसिक स्थिति को छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग यह है कि हमारी बेटी को न्याय मिले और उसे हुए नुकसान की भरपाई हो। विनायक राउत और उसके परिवार ने गीतेश राउत की मानसिक अक्षमता को छिपाने के लिए मेरी बेटी गिरिजा को कई फर्जी बाबाओं के पास भेजा।”
राउत परिवार को गिरिजा की मां ने घेरा
पूजा पवार ने कहा, “परिवार द्वारा तय किए गए हर बाबा ने कहा कि जब तक हमारे उपाय लागू नहीं हो जाते, तुम दोनों शारीरिक संबंध न बनाओ। इस तरह उन्हें अपने बेटे की अक्षमता को छिपाने का समय मिल गया।”
उन्होंने कहा, “जब हमें पता चला, तो हमने उनसे कहा कि ऐसे उपाय न करें। इलाज करवाएं, इससे यह समस्या हल हो जाएगी। हालांकि, गीतेश इलाज करवाने को तैयार नहीं था। उसने कहा कि मुझे कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं। इसके बाद मेरी बेटी को कई तरह की दवाएं दी गईं। साथ ही, उसे कई फर्जी बाबाओं के पास भेजा गया, मेरी बेटी को प्रताड़ित किया गया। इसलिए, हमें अब न्याय मिलना चाहिए और इन सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए।”
जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा राउत परिवार
बहू द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में विनायक राउत और उनके ससुराल के लोगों ने ठाणे की सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर 23 जुलाई को सुनवाई होगी। ठाणे के डिप्टी पुलिस कमिश्नर प्रशांत कदम ने कहा, “हमने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और तथ्यों की जांच कर रहे हैं। शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।”
बहू ने ससुरालवालों पर क्या-क्या लगाए आरोप
बता दें कि 38 साल की गिरिजा राउत की शिकायत पर 10 जून को कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013 के तहत, केस दर्ज किया गया। इसके अलावा इस केस में भारतीय न्याय संहिता की क्रूरता, धोखाधड़ी, चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं को भी जोड़ा गया है।
पति से संबंध रखने से रोकने का आरोप
गिरिजा राउत का शादी के पहले निकिता विजय पवार था। उनकी शिकायत के अनुसार, उनकी मुलाकात साल 2016 में गीतेश राउत से एक वैवाहिक सेवा के माध्यम से हुई और उन्होंने 3 दिसंबर 2017 को उनसे शादी कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सितंबर 2018 से अगस्त 2022 के बीच उनके ससुराल वालों ने दावा किया कि उन पर बुरी शक्तियों का प्रभाव है, जिसके बाद उन्हें मुंबई, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी के स्वयंभू धर्मगुरुओं के पास बार-बार ले जाया गया।
गिरिजा राउत द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, सितंबर 2018 में उनके ससुरालवालों ने कुर्ला से एक स्वयंभू धर्मगुरु को बुलाया। धर्मगुरु ने मंत्रों का जाप किया और घोषणा की कि परिवार के देवता बंधे हुए हैं, जिससे परिवार पर दुर्भाग्य आ गया है। FIR में आरोप लगाया गया कि उसके पति गीतेश राउत के एक रिश्तेदार ने कहा कि जब तक गिरिजा पूरी तरह से “ठीक” नहीं हो जातीं, तब तक दंपति को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।
सिर के ऊपर काटा नींबू
एफआईआर के अनुसार, एक बार उसे सिंधुदुर्ग के कोलगांव ले जाया गया, जहां ‘फिरोज बाबा’ नामक एक बाबा ने कथित तौर पर उसके सिर पर पानी डाला, उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और मंत्रों का जाप करते हुए उसके सिर के ठीक ऊपर नींबू काटा।इतना ही नहीं, रत्नागिरी जिले के राजपुर तालुका में एक अन्य कथित पूजा में एक अन्य बाबा ने कथित तौर पर कैंची से उसके शरीर पर घाव किए, उसके बाल नोचे और उसे राख मिला हुआ काढ़ा पीने के लिए मजबूर किया।
गिरिजा ने आरोप लगाया कि उसे चार साल से अधिक समय तक ऐसी विचित्र पूजा-पाठ से गुजरना पड़ा, अक्सर उसके माता-पिता गवाह के रूप में मौजूद रहते थेस जिन्हें बताया गया था कि ये पूजा उसे अलौकिक शक्तियों से मुक्त करने और उसे गर्भधारण करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक हैं।
वैवाहिक विवाद हैं आरोपों की वजह – विनायक राउत
दूसरी ओर अपनी बहू द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व सांसद विनायक राउत ने कहा कि ये सारी शिकायत लंबे समय से जारी वैवाहिक विवाद का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि गिरिजा राउत ने मध्यस्थता वार्ता के दौरान 5 करोड़ रुपये, एक तीन-बीएचके फ्लैट, एक ऑटोमैटिक कार और 2 लाख रुपये प्रति माह भरण-पोषण की मांग की थी।
उनके मुताबिक, गिरिजा की इन मांगों को ठुकरा दिया गया है। इसीलिए विवाद को बढ़ाने के लिए गिरिजा काले जादू संबंधित गंभीर आरोप लगाए हैं। विनायक राउत ने आक्रामकता से कहा, “मेरे परिवार पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। हम अदालत के सामने जवाब देंगे।”
वहीं, विनायक राउत के दावों पर गिरिजा राउत ने कहा, “मेरी एकमात्र उम्मीद अपने पति के साथ सुखी वैवाहिक जीवन बिताना और शांति से रहना थी। इसके बजाय मुझे उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ा।” उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी नौकरी छोड़ने और अपने पति के परिवहन व्यवसाय में काम करने के लिए मजबूर किया गया, जिसके चलते उनकी आर्थिक स्वतंत्रता पूरी तरह से छिन गई, और वे पूरी तरह से पति और परिवार पर आश्रित हो गईं।
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