उद्धव ठाकरे ने भाजपा नेता को बताया भविष्य का दोस्त, फडणवीस बोले- ‘मन की बात’ निकल गई

ठाकरे ने इस मौके पर कहा, “मुझे एक कारण से रेलवे पसंद है। आप ट्रैक नहीं छोड़ सकते और दिशा नहीं बदल सकते। हां, लेकिन अगर कोई डायवर्जन हो तो आप हमारे स्टेशन पर आ सकते हैं। लेकिन इंजन पटरियों को नहीं छोड़ता है।”

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम में अपनी टिप्पणी से न सिर्फ लोगों को हंसाया बल्कि कई अटकलों को भी हवा दी। राज्य के कई नेता अब ठाकरे की टिप्पणी को एक बड़े संकेत के रूप में ले रहे हैं। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में अपना भाषण देते हुए केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रावसाहेब दानवे की ओर इशारे करते हुए उन्हें, “मेरे पूर्व मित्र – और यदि हम फिर से एक साथ आते हैं, तो भविष्य के मित्र” बताया।

हालांकि मुख्यमंत्री ने बाद में अपने भाषण में स्पष्ट किया कि वह केवल मजाक कर रहे थे क्योंकि वह लंबे समय के बाद अपने पुराने दोस्त रावसाहेब दानवे से मिले थे। ठाकरे ने इस मौके पर कहा, “मुझे एक कारण से रेलवे पसंद है। आप ट्रैक नहीं छोड़ सकते और दिशा नहीं बदल सकते। हां, लेकिन अगर कोई डायवर्जन हो तो आप हमारे स्टेशन पर आ सकते हैं। लेकिन इंजन पटरियों को नहीं छोड़ता है।” मालूम हो कि रावसाहेब दानवे रेल राज्य मंत्री हैं और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र से आते हैं।

बता दें कि भाजपा और शिवसेना का गठबंधन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद टूट गया था। बाद में बीजेपी ने शिवसेना को मनाने की पूरी कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बन सकी थी। ठाकरे की इस टिप्पणी से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम उद्धव की आमने-सामने की बैठक ने महाराष्ट्र में एक नए सियासी समीकरण को हवा दी थी।

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने अटकलों को शांत करने के लिए कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, ‘राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। उद्धवजी ने हमारी ‘मन की बात’ बोल दी है। यह सुनकर अच्छा लगा।”

वहीं, कांग्रेस नेता नाना पटोले ने ठाकरे की टिप्पणी पर कहा, “मुख्यमंत्री को कभी-कभी मज़ाक करना पसंद होता है और उन्होंने ठीक ऐसा ही किया। यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। महाराष्ट्र में सरकार के साथ कोई समस्या नहीं है।”

बता दें कि शुक्रवार को ठाकरे ने औरंगाबाद में सिद्धार्थ गार्डन में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम स्मारक का दौरा किया और मुक्ति आंदोलन के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। मध्य महाराष्ट्र में मराठवाड़ा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा 1948 से पहले निजाम शासन के अधीन था।

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