केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गुजरात में भी यूसीसी लागू होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया गया है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “देश में हर नागरिक के लिए एक समान कानून हो, यह भाजपा का स्थापना से ही संकल्प रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की राज्य सरकारें इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। मुझे हर्ष है कि उत्तराखंड के बाद अब गुजरात ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित करने का ऐतिहासिक कार्य कर अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और इस बिल को समर्थन देने वाले सभी विधायकों को बधाई देता हूँ। देश तुष्टीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून से चले, यह हमारी प्राथमिकता भी है और संकल्प भी है।”
गुजरात सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया। मंगलवार को जस्टिस रंजना देसाई की अगुवाई वाले यूसीसी पैनल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को तीन वॉल्यूम में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंप दी थी। गुजरात सरकार ने फरवरी 2024 में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया था। इसके बाद कमेटी ने विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े समान कानून को लेकर सुझाव लिए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने धामी सरकार की खुलकर सराहना करते हुए कहा था कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के सामने एक नई मिसाल पेश की है। अमित शाह ने ये भी कहा था कि किसी भी नागरिक का धर्म अलग हो सकता है लेकिन देश में रहने के लिए सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यूसीसी लागू होने से समाज में समानता और न्याय की भावना मजबूत होगी। यह कानून जनसंख्या में होने वाली अप्राकृतिक वृद्धि पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। गृह मंत्री ने यह भी बताया था कि देश में जनसंख्या संरचना में आ रहे अप्राकृतिक बदलाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया है, जो शीघ्र ही अपना कार्य प्रारंभ करेगी।
पिछले साल दिसंबर में यूसीसी का मुद्दा हाईकोर्ट भी पहुंचा था। इसमें यूसीसी समिति के गठन को चुनौती दी गई थी। इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। गोवा में पहले से समान कानून लागू है। पिछले साल उत्तराखंड ने यूसीसी को लागू किया था।
