मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में बीते महीने क्रूज बोट पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के करीब दो हफ्ते बीत जाने के बाद यह बात सामने आई है कि भयावह हादसे से करीब दो महीने पहले ही अधिकारियों ने आला कमान को खतरे की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि पुरानी हो चुकी क्रूज बोटों के इंजन बार-बार खराब हो रहे हैं। उन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है।
द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसी वर्ष 1 मार्च को लिखे गए एक आंतरिक पत्र में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अंतर्गत आने वाले मैकाल रिजॉर्ट एंड वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने बरगी डैम पर चल रही दोनों क्रूज बोटों की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। यह पत्र जबलपुर स्थित पर्यटन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजा गया था।
पत्र में कहा गया कि 2006 से फंक्शनल ‘मैकाल सुता’ (में शुरू) और 2007 से फंक्शनल ‘रीवा’ नाम की दोनों क्रूज बोट लगभग 20 साल पुरानी हो चुकी हैं और लगातार तकनीकी खराबियों का सामना कर रही हैं। दोनों बोटों के इंजनों की कई बार मरम्मत कराई गई, लेकिन इसके बावजूद इंजन बार-बार खराब हो रहे हैं।
दोनों इंजन बदलने की दी थी सलाह
अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार पत्र लिखकर जानकारी दी जा चुकी है। पत्र में 14 जनवरी 2025 की एक घटना का भी जिक्र है, जब ‘रीवा’ क्रूज बोट के दोनों इंजन सफर के दौरान अचानक बंद हो गए थे। मरम्मत करने वाली कंपनी ‘हैदराबाद बोट बिल्डर्स’ ने ईमेल के जरिए बताया था कि इंजन काफी पुराने हो चुके हैं और उनके स्पेयर पार्ट्स अब उपलब्ध नहीं हैं। कंपनी ने दोनों इंजन बदलने की सलाह दी थी।
चेतावनी केवल ‘रीवा’ के लिए नहीं थी। हादसे वाले दिन यानी 30 अप्रैल को जो बड़ी क्रूज बोट ‘मैकाल सुता’ चल रही थी उसकी हालत को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई थी। पत्र में कहा गया कि ‘मैकाल सुता’ का एक इंजन सही तरीके से लोड नहीं ले रहा है, जिससे बोट को किनारे लगाने और पानी में संचालन करने में परेशानी हो रही थी। तेज हवा या ऊंची लहरों के दौरान बोट को संभालने के लिए स्पीड बोट की मदद लेनी पड़ती थी।
अधिकारियों के सूचना दी गई थी कि दूसरे इंजन में भी बार-बार स्टार्टिंग की समस्या आ रही थी। सेल्फ-स्टार्टर गियर जाम हो जाता था, जिसके कारण कई बार क्रूज सेवा रोकनी पड़ती थी। पत्र में यह भी कहा गया कि लगातार सेवाएं बंद होने से पर्यटक नाराज हो रहे थे।
इंजन की मरम्मत या बदलाव बेहद जरूरी
दस्तावेज में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि इंजन की मरम्मत या बदलाव बेहद जरूरी है। चेतावनी दी गई थी कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी क्रूज सेवा बंद करनी पड़ सकती है। अधिकारियों ने पर्यटन सीजन बढ़ने से पहले इंजन बदलने या मरम्मत पूरी करने की मांग की थी।
हादसे के बाद अब इस खुलासे से यह सवाल उठ रहे हैं कि 30 अप्रैल को हादसे का शिकार हुई बोट की तकनीकी स्थिति का सही आकलन किया गया था या नहीं और क्या यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया। पहले अधिकारियों ने दावा किया था कि हादसा अचानक आए खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण हुआ। हालांकि, बचे हुए यात्रियों ने आरोप लगाया कि राहत कार्य में देरी हुई, लाइफ जैकेट को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। वहीं, मौसम बिगड़ने के बाद बोट को नियंत्रित करने में मुश्किल आ रही थी।
गौरतलब है कि इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तमिलनाडु और दिल्ली से आए कई परिवारों के सदस्य शामिल हैं। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक मध्य प्रदेश में इस तरह की क्रूज सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
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मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार को एक क्रूज नाव पलट गई। इस घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 24 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बाकी लोग जो हादसे के बाद से लापता हैं, उनकी तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हालांकि, इस अभियान के दौरान शुक्रवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों एवं अन्य लोगों को झकझोर कर रख दिया। पूरी खबर पढ़ें…
