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बिहार में भूकंप से 51 मौतें, 173 घायल

बिहार में भूकम्प से अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 173 लोग घायल हुए हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने केंद्र से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करते हुए पुननिर्माण और पुनर्वास कार्य...
Author April 27, 2015 08:42 am
सरकार ने राष्ट्रीय आपदा हेल्पलाइन 1078 शुरू की है। 5400 से अधिक भारतीयों को और अधिक विमानों तथा सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से वापस लाया गया है। (फ़ोटो-पीटीआई)

बिहार में भूकम्प से अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 173 लोग घायल हुए हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने केंद्र से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करते हुए पुननिर्माण और पुनर्वास कार्य की पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की है। शनिवार को आए भूकम्प की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.9 थी। उसके बाद बिहार में भूकम्प के आठ झटके महसूस किए गए। रविवार दोपहर 6.7 तीव्रता का भूकम्प महसूस किया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूकम्प प्रभावित जिलों में पीड़ितों के बीच राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के साथ सभी जिला प्रभारी मंत्री और सचिवों से अपने-अपने जिलों में कैंप कर राहत कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत कार्य भूकम्प पीड़ितों के साथ इस वर्ष के फरवरी और मार्च महीने में आए बेमौसम बारिश, चक्रवाती तूफान और आलोवृष्टि से प्रभावित लोगों के बीच चलाया जाएगा।

नीतीश ने कहा कि प्रदेश में श्रृंखलाबद्ध आपदा को देखते हुए प्रभावित परिवारों की परेशानी दूर करने के लिए उन्हें राहत सामग्री के तौर पर प्रति परिवार एक क्विंटल खाद्यान्न के अलावा 58 सौ रुपए नकद राशि के भुगतान का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि भूकम्प में मरने वालों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जा रही है।

बिहार के विभिन्न भागों में रविवार दोपहर फिर आए भूकम्प के झटके से घबराए लोगों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपने-अपने परिवार के साथ पटना के गांधी मैदान सहित अन्य पार्कों में शरण लिए लोगों से मिलने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार देर शाम गांधी मैदान और एसके पुरी पार्क पहुंचे और ढाढस बंधाया और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा। एसके पुरी पार्क में नीतीश ने पत्रकारों से कहा कि भूकम्प का पहला झटका आने के बाद ‘आफ्टर शॉक्स’ आते हैं। लेकिन उससे घबराना नहीं चााहिए। बाद के भूकम्प के झटके उतनी तीव्रता वाले नहीं होते हैं जितना पहली बार वाला होता है, पर हर एहतियात बरतना चाहिए इसलिए उसे ही देखने वे निकले हैं।

नीतीश ने कहा कि जब लोग खुले स्थान में आ रहे हैं तो यहां बिजली और पानी का इंतजाम रहना चाहिए। नीतीश ने कहा कि सभी लोग एकजुट रहे और चारों ओर प्रशासन सतर्क और सचेत है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रतिक्रिया केंद्र का हेल्पलाइन नंबर 06122217305 निरंतर चालू है। उन्होंने कहा कि भूकम्प के बाद के झटके के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि आगामी सोमवार और मंगलवार को पूरे राज्य में सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे।

भूकम्प के कारण पटना में कई अपार्टमेंट और घरों में आई दरार की सूचना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जगह-जगह अभियंताओं की तैनाती की जाएगी जो कि सूचना मिलने पर वे दरार वाले घरों का जाकर निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने वाट्सऐप सहित सोशल मीडिया के जरिए भूकम्प को लेकर शनिवार को फैलाई गई अफवाहों का मीडिया द्वारा खंडन किए जाने की सराहना की तथा लोगों को उससे बचने को कहा। नीतीश ने कहा कि केंद्र सरकार से हम निरंतर संपर्क में हैं। उनकी तरफ से भी आवश्यकता पड़ने सहयोग का वादा मिला है। वे कर भी रहे हैं।

इस बीच, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बिहार में भूकम्प के कारण बड़े पैमाने पर हुई जान-माल की क्षति पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर पुनर्निमाण और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी केंद्र को उठानी चाहिए। पटना में रविवार को लालू ने केंद्र से बिहार में हाल के दिनों में आए चक्रवाती तूफान और शनिवार को आए भूकम्प में मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा के तौर पर 20-20 लाख रुपए का मुआवजा देने और राज्य सरकार को मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपए अनुग्रह राशि के तौर पर देने की मांग की।

वहीं केंद्रीय खाद्य और जनवितरण मंत्री रामविलास पासवान ने रविवार को भूकम्प प्रभावित कटिहार जिला के सुखासन गांव जाकर वहां के हालात का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र पूर्वी चंपारण जिले में भूकम्प पीड़ितों से मुलाकात की और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल पूछा।

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