पंजाब में ट्विस्टः आप से निष्कासित तीन विधायक कांग्रेस में, अमर‍िंदर बोले- सोनिया ने दी थी परमिशन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के बीच पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होने से कुछ मिनट पहले AAP के तीन निष्कासित विधायकों का कांग्रेस में स्वागत किया।

punjab, congress
कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ AAP छोड़कर आए विधायक। (स्रोत-पंजाब कांग्रेस ट्विटर)।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के बीच पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होने से कुछ मिनट पहले AAP के तीन निष्कासित विधायकों का कांग्रेस में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि AAP नेता सुखपाल सिंह खैरा, जगदेव सिंह कमलू और पिरमल सिंह धौला पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा उनके प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के ट्वीट के मुताबिक, “मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली रवाना होने से पहले विधायक सुखपाल खैरा एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष और AAP के उनके दो सहयोगी विधायक मौर के जगदेव सिंह कमलू और भदौर के विधायक पिरमल सिंह धौला का पार्टी में स्वागत किया।” बता दें कि कांग्रेस छोड़ने के बाद, खैरा दिसंबर 2015 में AAP में शामिल हो गए थे। वह 2017 में AAP की टिकट पर भोलथ विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने जनवरी 2019 में AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और अपनी खुद की पार्टी ‘पंजाब एकता पार्टी’ शुरू की थी।

इस बीच कांग्रेस की पंजाब इकाई में चल रही कलह को दूर करने के मकसद से गठित समिति से मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में पार्टी के भीतर कोई झगड़ा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पेश होने के बाद तिवारी ने संवादादाताओं से कहा, ‘‘ पंजाब कांग्रेस में कोई झगड़ा नही है। जहां तक समिति के साथ बातचीत सवाल है तो वह गोपनीय है। जो भी उन्होंने पूछा मैंने जवाब उनके समक्ष रख दिया है।’’

लोकसभा सदस्य तिवारी ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘पंजाब कांग्रेस में कोई अंतर्कलह नही है। ये पार्टी की प्रथा और परंपरा रही है कि जिस राज्य में चुनाव होने वाले हैं, वहां क्या रणनीति होनी चाहिए, क्या मुद्दे होने चाहिए, जनता के समक्ष क्या बातें रखनी चहिए, उन पर विचार विमर्श होता है। ये पहली बार और आखिरी बार नही हो रहा है।’’

इस समिति ने बुधवार को राज्य के कई सांसदों और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात कर उनकी राय ली थी। खड़गे की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति के समक्ष सोमवार और मंगलवार को करीब 50 मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों ने अपनी बात रखी थी।

पिछले तीन दिनों में राज्य के 80 से अधिक कांग्रेस नेता इस समिति के समक्ष पेश होकर अपनी बात रख चुके हैं। इनमें से अधिकतर विधायक हैं। खड़गे के अलावा कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल इस समिति में शामिल हैं।

गौरतलब है कि हाल के कुछ सप्ताह में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। विधायक परगट सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

सिद्धू ने मंगलवार को इस समिति से मुलाकात कर अपने विचार रखे थे। समिति से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि ‘‘सत्य प्रताड़ित हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।’’

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X