त्विषा शर्मा मामले में CBI ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ही भोपाल पुलिस पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मौके से सबूत समय रहते जब्त नहीं किए गए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जिम्नास्टिक रोप का इस्तेमाल त्विषा ने खुद को लटकाने के लिए किया था, उसे भोपाल पुलिस घटना के करीब 10 घंटे बाद रिकवर कर पाई थी। इसके अलावा त्विषा का मोबाइल फोन और लैपटॉप भी देरी से जब्त किए गए। हैरानी की बात यह है कि CCTV फुटेज में त्विषा की गली में दिखाई दे रहे हेडफोन को भी पुलिस 10 दिन बाद जब्त कर पाई।
अब CBI इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों से सवाल-जवाब करने वाली है। त्विषा के वकील अंकुर पांडे ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने क्राइम सीन को सील तक नहीं किया था। ऐसे में आरोपी सबूतों के साथ आसानी से छेड़छाड़ कर सकते थे।
जानकारी के मुताबिक, भोपाल पुलिस को 13 मई की रात 12:05 बजे त्विषा की मौत की सूचना मिली थी। यह फोन कॉल भी कथित तौर पर त्विषा के फंदे से झूलने के करीब दो घंटे बाद की गई थी। भोपाल पुलिस का कहना है कि उन्होंने क्राइम सीन का उचित निरीक्षण किया था और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 13 मई को सुबह 9:42 बजे पहला सबूत जब्त किया गया था। सीजर मेमो के मुताबिक, तीन वस्तुओं को पुलिस ने जब्त किया था। इनमें एक काले रंग का स्ट्रैप था, जो 1 इंच चौड़ा और 99 इंच लंबा था। इसके अलावा सिल्वर रंग का HP लैपटॉप और लाल रंग का iPhone भी जब्त किया गया था। यह कार्रवाई एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में की गई थी।
इसके अलावा 13 मई को दोपहर 3:30 बजे एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। फिर शाम 4:40 बजे समर्थ सिंह से कुछ अन्य सामान लिया गया। त्विषा से जुड़े कुछ मेडिकल दस्तावेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए। इसके बाद शाम 6:40 बजे पुलिस ने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी जब्त कर लिया, जिसे गिरिबाला सिंह ने ही दिया था।
फिर 23 मई की रात 8:41 बजे जब पुलिस कटारा हिल्स स्थित आवास पर दोबारा पहुंची तो एक और सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया गया। हालांकि, उसमें कोई सिम कार्ड नहीं था। इसी दौरान सोनी कंपनी के काले रंग के हेडफोन भी मौके से जब्त किए गए। आरोप है कि त्विषा इन्हीं हेडफोन को पहनकर छत पर गई थी
कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के मुताबिक, अब तक CBI ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की है। जब उनसे पूछा गया कि त्विषा के हेडफोन जब्त करने में 10 दिन की देरी क्यों हुई, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि वीडियोग्राफी के दौरान हेडफोन रीकवर नहीं किए गए थे।
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