तमिलनाडु में सियासी घमासान के बीच TVK विधायक जी. सरवनन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ DMK में शामिल होने के लिए उन्हें करोड़ों रुपये का लालच दिया गया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के श्रीवैकुंटम विधानसभा क्षेत्र से TVK विधायक जी. सरवनन ने आरोप लगाया है कि उन्हें DMK में शामिल होने के लिए 30 करोड़, 50 करोड़ और यहां तक कि 100 करोड़ रुपये तक का प्रस्ताव दिया गया।
TVK विधायक जी. सरवनन ने दावा किया, “कई लोग सीधे मेरे पास आए और कहा कि हम आपको 30 करोड़, 50 करोड़, यहां तक कि 100 करोड़ रुपये तक देंगे। बस आप DMK में शामिल हो जाइए। लेकिन जब मैंने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो उन्होंने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया और खुलेआम जान से मारने की धमकियां दीं। उन्होंने कहा कि अगर मैंने उनकी बात नहीं मानी तो मुझे खत्म कर दिया जाएगा।”
सरवनन ने कहा कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने बात नहीं मानी तो उनकी गाड़ी में ट्रक से टक्कर कराकर उनकी हत्या कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 25 दिन पहले उनकी कार के सामने एक ट्रक को जानबूझकर इस तरह चलाया गया, मानो दुर्घटना कराने की कोशिश की जा रही हो।
TVK विधायक ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों के समर्थन में पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश से जुड़े प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। सरवनन ने आरोप लगाया कि इस मामले में तिरुनेलवेली के एक थिएटर मालिक और पूर्व मंत्री के चार समर्थक भी शामिल हैं, हालांकि उन्होंने उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए।
इस बीच, तमिलनाडु की राजनीति में DMK और TVK एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की कोशिश करने के आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल DMK की ओर से सरवनन के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जोसेफ विजय के दौरों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी DMK
सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की मुलाकात पर सवाल उठाने के लिए डीएमके को फटकार लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके से पूछा कि कोर्ट मुख्यमंत्री के दौरे को कैसे नियंत्रित कर सकती है, भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात को गवाहों को प्रभावित करना कैसे माना जा सकता है।
