Tamil Nadu Elections: तमिलनडु विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक आए परिणामों ने लगभग यह बता दिया है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री जोसेफ विजय होंगे न कि वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन। क्योंकि विजय की पार्टी टीवीके 100 सीटों से आगे चल रही है। वहीं ADMK 63, जबकि स्टालिन की पार्टी तीसरे स्थान पर है, जो 60 ,सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

राज्य की जिन सीटों पर टीवीके आगे चल रही है। उन सीटों में से एक सीट ऐसी भी जिस अभिनेता से नेता बने विजय के पूर्व कार चालक राजेंद्रन के बेटे सबरीनाथन आर, विरुगम्पक्कम विधानसभा सीट आगे चल रहे हैं। जबकि डीएमके के प्रभाकर राजा एएमवी पीछे हैं। चुनाव आयोग को सौंपे गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, सबरीनाथन आर की आयु 30 साल है।

बता दें, 29 मार्च को विजय ने जब पार्टी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की तो एक वक्त ऐसा भी जब सबरीनाथन और उनके पिता भावुक हो गए। इस दौरान सबरीनाथन ने विजय के पैर छुए तो विजय ने सबरीनाथन को अपने गले लगा लिया, हालांकि यह ऐसा पल था जब सबरीनाथन की आंखों में आंसू थे। सबरीनाथन के पिता राजेंद्रन पहले विजय के ड्राइवर थे, लेकिन अब वह टीवीके चीफ विजय के निजी सहायक हैं।

विजय और सबरीनाथन के इमोशनल वीडियो ने सबरीनाथन को रातोंरात हिट कर दिया। तब पीटीआई से बात करते हुए सबरीनाथन ने कहा था कि उनका राजनीतिक पदार्पण लगभग नहीं हो पाया था। उनके पिता अधिकांश भारतीय पिताओं की तरह चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने।

सबरीनाथन ने कहा कि इसलिए, उन्होंने जहां से संभव हो सका, कर्ज लिया और यह सुनिश्चित किया कि मैं इंजीनियर बनूं। सबरीनाथन ने आगे बताया कि 2021 में उन्हें कतर में नौकरी मिल गई और उनके पिता उनसे ज्यादा खुश थे। सबरीनाथन ने बताया कि नौकरी ठीक थी, लेकिन मुझे बेचैनी महसूस हो रही थी, और जब मैंने सुना कि थलाइवर (विजय) एक राजनीतिक दल शुरू करने जा रहे हैं, तो मैं चेन्नई लौटकर उनकी यात्रा का हिस्सा बनना चाहता था। लेकिन मेरे पिता सहमत नहीं हुए।

सबरीनाथन ने बताया कि उसने अपने पिता की बात सुनने की कोशिश की, लेकिन वह सुन नहीं पाया। इसलिए, वह अपने पिता की पीठ पीछे गया और सीधे विजय से बात करके उन्हें मना लिया। सबरीनाथन ने कहा कि विजय ने ही मेरे पिता से मुझे वापस आकर पार्टी में शामिल होने देने के लिए कहा, इसके बाद मेरे पिता ने कुछ नहीं कहा। मैं 2024 में चेन्नई वापस आ गया। सबरीनाथन ने कहा कि टीवीके परिवार का हिस्सा होना शायद उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

‘राजनीति मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं’, सिनेमा से सियासत तक जोसेफ विजय का सफर बदलेगा तमिलनाडु की तस्वीर?

तमिलनाडु अपने राजनेताओं और फिल्मी सितारों को समान रूप से प्यार और सम्मान देता है। इसका प्रमाण फिल्मी सितारों को नेता चुनने के उसके लंबे और गौरवशाली इतिहास से मिलता है। डीएमके से अलग हुए एमजीआर और उनकी शिष्या जय जयललिता, दोनों ही फिल्मी सितारे थे जो मुख्यमंत्री बने। डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरई एक पटकथा लेखक थे। एम करुणानिधि एक और प्रमुख कवि और पटकथा लेखक के रूप में उभरे। ये दोनों भी कई बार मुख्यमंत्री बने और राजनीतिक रूप से बेहद सफल रहे। पढ़ें पूरी खबर।